पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने ‘ऑपरेशन हेरोफ फेज-II’ के तहत एक बड़े हमले की श्रृंखला को अंजाम दिया है। संगठन के मुताबिक, इस कार्रवाई में पाकिस्तानी फौज, पुलिस, खुफिया एजेंसियों और काउंटर टेररिज्म यूनिट के 80 से अधिक कर्मियों की मौत हुई है।
हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है और पाकिस्तानी प्रशासन की ओर से भी कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
BLA का दावा: 10 घंटे तक कई जिलों में समन्वित हमले
BLA के बयान में कहा गया है कि उसके लड़ाकों ने लगभग दस घंटे तक बलूचिस्तान के कई जिलों में एक साथ हमले किए। बयान के अनुसार क्वेटा, नोशकी, मस्तुंग, दलबंदीन, कलात, खारान, पंजगुर, ग्वादर, पशनि, तुरबत, तंप, बुलेदा, लसबेला, केच और अवारान सहित दर्जनों स्थानों पर सुरक्षा, सैन्य और प्रशासनिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
संगठन ने दावा किया कि उसने कुछ इलाकों में सुरक्षा बलों की आवाजाही को अस्थायी रूप से बाधित किया। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित वीडियोज भी वायरल हो रहे हैं।
Baloch Rebel Group Balochistan Liberation Army seen taking control of the market in Quetta. Pakistan Army soldiers helpless under Asim Munir. pic.twitter.com/34K0jISb0X
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) January 31, 2026
नुकसान को लेकर बड़े दावे
BLA प्रवक्ता जीयंद बलूच के नाम से जारी बयान में कहा गया कि ऑपरेशन के दौरान 84 सुरक्षा कर्मी मारे गए, दर्जनों घायल हुए और 18 को कथित रूप से बंधक बनाया गया। इसके अलावा संगठन ने 30 से अधिक सरकारी संपत्तियों जैसे कार्यालयों, बैंकों और जेलों को कब्जे में लेने या नष्ट करने का दावा किया है।
साथ ही 20 से अधिक वाहनों को आग लगाने की बात भी कही गई। BLA ने यह भी स्वीकार किया कि इस कार्रवाई में उसके सात लड़ाके मारे गए, जिनमें ‘मजीद ब्रिगेड’ के सदस्य भी शामिल बताए गए। इन सभी दावों की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पाकिस्तान के अधिकारियों ने अभी तक घटनाओं के पैमाने को लेकर कोई समग्र रिपोर्ट जारी नहीं की है।
थानों पर कब्जा, कैदियों को रिहाई
इससे पहले शनिवार (31 जनवरी 2026) सुबह करीब 6 बजे राजधानी क्वेटा एक जबरदस्त धमाके से दहल गई थी, जिसके बाद लगातार दो घंटे तक गोलीबारी हुई। BLA के लड़ाकों ने न सिर्फ क्वेटा, बल्कि ग्वादर, नुश्की, मस्तुंग और पसनी जैसे जिलों में एक साथ मोर्चा खोला है।
मस्तुंग में BLA ने पुलिस स्टेशन पर कब्जा कर करीब 30 कैदियों को रिहा कर दिया था। क्वेटा के अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई थी और रेल सेवाओं को पूरी तरह रोक दिया गया था।

