गाजियाबाद में बन रही हिमालय की नकली Liv.52 टैबलेट्स, कई राज्यों में हो रही सप्लाई: लाखों की दवा बरामद, दबोचे गए 5 लोग

उत्तर प्रदेश पुलिस ने गाजियाबाद में एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो 2 राज्यों में नकली दवाओं की खरीद-बिक्री करता था। ये लोग ‘हिमालय लिव 52’ का नकली वर्जन बना रहे थे और उन्हें कम कीमत पर बेच रहे थे। आरोपितों में मेडिकल पेशे से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ये कार्रवाई स्वॉट ग्रामीण जोन और मुरादनगर थाना पुलिस ने की। अधिकारियों ने रविवार (8 फरवरी 2026) को इस बात की पुष्टि की। इस मामले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को 3 जनवरी को हिमालय कंपनी से शिकायत मिली कि मशहूर ‘लिव 52’ प्रोडक्ट के नकली वर्जन मुरादनगर से सप्लाई किए जा रहे हैं और अलीगढ़ की लोकल दुकानों में बांटे जा रहे हैं।

पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की और नकली दवा की सप्लाई चेन का पता लगाया। नकली दवाएँ हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कम कीमत पर बनाई जाती थीं और बहुत ज्यादा मार्जिन पर बेची जाती थीं।

गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक, नकली दवा के 1 डब्बे की प्रोडक्शन कॉस्ट ₹35 से ₹40 थी, जबकि उन्हें ₹110 से ₹115 में बेचा जाता था। असली हिमालय लिव 52 दवा की कीमत ₹280 प्रति डिब्बा है।

आरोपित लोकल रिटेलर्स को ज़्यादा मार्जिन का लालच देकर नकली प्रोडक्ट्स को दुकानों तक पहुँचा रहे थे। पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध दवाएँ बरामद की हैं। इनमें 500 रेपर सीट लिव-52, 1200 हरे ढक्कन, 1200 सफेद प्लास्टिक की डिब्बियाँ और 10 पारदर्शी पॉलीथीन में कुल 50,000 नकली लिव-52 टैबलेट्स शामिल हैं। इसके अलावा, एक वैगनआर कार भी जब्त की गई है। पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की, जिनमें से कुछ ने रैकेट का हिस्सा होने की बात कबूली।

पकड़े गए आरोपितों में मयंक अग्रवाल ग्रेजुएट है और मेरठ में होलसेल दवाई का काम करता है। तुषार ठाकुर रेडियोलॉजिस्ट है. अनूप गर्ग और आकाश ठाकुर इलेक्ट्रीशियन है और नितिन त्यागी मोदीनगर में मेडिकल स्टोर है।

मयंक अग्रवाल का काम हरियाणा के सोनीपत से भी जुड़ा हुआ है। वहाँ भी दवाईयाँ सप्लाई की गई थी। लोगों को शक न हो, इसके लिए दवाओं की पर्ची भी ये लोग देते थे।

DCP तिवारी ने नकली दवाओं की बरामदगी पर कहा, “हमारी जाँच जारी है और हम इसमें शामिल दूसरे लोगों की तलाश कर रहे हैं। हम ऑपरेशन के सभी पहलुओं की जाँच कर रहे हैं। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

इससे पहले दिसंबर 2025 में भी कोडीनयुक्त कफ सिरप और नकली नशीली दवाओं को लेकर योगी सरकार के निर्देश पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने और खाद्य सुरक्षा एँव औषधि प्रशासन ने यूपी के कई स्थानों पर छापेमारी की थी। जाँच के दौरान गड़बड़ी मिलने पर दो दर्जन से ज्यादा मेडिकल स्टोर्स पर बिक्री रोक दी गई है। वाराणसी में सबसे ज्यादा 38 केस दर्ज हुए थे।