कॉन्ग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पाकिस्तानी एजेंट होने के आरोप पर अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि जब 2013 में उनकी पत्नी एलिजाबेथ काम के सिलसिले में पाकिस्तान गई थी, उस वक्त वे भी 10 महीने के लिए पाकिस्तान में उनके साथ थे। उन्होंने दावा किया है कि एसआईटी ने कभी भी उनसे 2013 के पाकिस्तान में रहने को लेकर सवाल नहीं किया।
Police must take suo motu cognisance of Assam CM targeting particular community, sharing vicious social media videos: Gaurav Gogoi.
— Press Trust of India (@PTI_News) February 9, 2026
Will explore legal measures against Assam CM for his comments on my minor children: Cong leader Gaurav Gogoi.
My wife visited Pak for… pic.twitter.com/urr3wW6FpQ
असम एसआईटी ने गौरव गोगोई और उनकी पत्नी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। एसआईटी की रिपोर्ट असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने सार्वजनिक किया। इसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तानी एजेंटे तौकीर शेख और एलिजाबेथ के साथ करीबी रिश्ता था।
शेख ने 2010 और 2013 के बीच कम से कम 13 बार भारत का दौरा किया, जिससे भारत विरोधी गतिविधियों में उनकी भूमिका का शक जताया गया। सीएम सरमा ने कहा कि UPA सरकार ने उन्हें भारत आने से नहीं रोका, जबकि उनके भारत विरोधी कमेंट्स के बारे में सबको पता था।
सरमा ने SIT रिपोर्ट से कई चौंकाने वाली बातें बताईं, जिसमें दावा किया गया कि एलिज़ाबेथ का भारत ट्रांसफर हो गया था, लेकिन उनके ट्रांसफर के बाद भी उन्हें पाकिस्तानी फर्म से सैलरी मिलती रही। इतना ही नहीं, ट्रांसफर से एक साल पहले उन्हें भारत आने का अपॉइंटमेंट लेटर जारी किया गया था।
SIT जाँच के मुताबिक, LEAD इंडिया को LEAD पाकिस्तान के तहत लाया गया, ताकि एलिजाबेथ की सैलरी पाकिस्तान से भारत ट्रांसफर की जा सके।
CM ने कहा कि LEAD पाकिस्तान सीधे एलिजाबेथ को सैलरी नहीं भेज सकता था, क्योंकि FCRA के तहत फंड ट्रांसफर सिर्फ भारतीयों को की जा सकती है और वह भारतीय नागरिक नहीं हैं। इसलिए उनकी सैलरी देने के लिए एक भारतीय संस्था LEAD इंडिया को फंड भेजा जाता था।

