पंजाब एवँ हरियाणा हाई कोर्ट ने आप विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा की याचिका खारिज कर दी। रेप और धोखाधड़ी के गंभीर मामले में उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट और उन्हें भगोड़ा घोषित करने के आदेश को बरकरार रखा गया है।
जस्टिस त्रिभुवन दहिया की बेंच ने कहा कि पठानमाजरा ने धोखाधड़ी से देश छोड़कर भागने का आरोप झेल रहे हैं और जाँच प्रक्रिया से जानबूझकर बच रहे हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ वारंट उत्पीड़न नहीं, बल्कि जाँच के लिए जरूरी हैं।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “गंभीर और जघन्य अपराधों के आरोपित याचिकाकर्ता ने जानबूझकर जाँच प्रक्रिया की अनदेखी की है और फरार है। वह धोखाधड़ी के तरीके अपनाकर देश से बाहर निकलने का भी आरोपित है। उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करना उत्पीड़न की कार्रवाई नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह जाँच के लिए उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उचित था।”
सानौर से आप टिकट पर चुने गए पठानमाजरा पर सितंबर 2025 में शादी का झाँसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगा। उनपर पिछले साल करनाल में पुलिस हिरासत से हमला कर भागने का भी इल्ज़ाम है। इसके बाद वे ऑस्ट्रेलिया भाग गए।
विधायक के वकील निखिल गाय ने दलील दी कि पुलिस को बिना वारंट गिरफ्तार करने का अधिकार है और पहले उन्हें क्लीन चिट मिली थी, लेकिन सत्ता पक्ष से रिश्ते खराब होने के बाद फँसाया गया। उन्होंने कहा कि पठानमाजरा ऑस्ट्रेलिया में हैं और उन्हें नोटिस नहीं मिला।
सरकारी वकील चंचल के सिंगला ने बताया कि पठानमाजरा ने पुलिस पार्टी पर हमला कर हिरासत से फरार होने के बाद लुकआउट नोटिस के बावजूद देश छोड़ा। कोर्ट ने सभी कानूरी शर्तें पूरी होने और 30 दिन की अवधि बीतने की पुष्टि की।
कोर्ट ने माना कि यह कानून की खुली अवमानना का मामला है। इसलिए याचिका खारिज करते हुए कोई हस्तक्षेप नहीं किया।

