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DJ पर जातिगत गाने की वजह से विवाद, अलीगढ़ में तनाव की पुलिस ने बताई सच्चाई: सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रम को लेकर किया सचेत

अलीगढ़ में दलित और ठाकुर के बीच तनाव पैदा हो गया है। ठाकुरों ने दलित समुदाय पर हमला करने की बात सोशल मीडिया पर बताई जा रही है, लेकिन डीजे पर दलितों द्वारा जातिगत गाने बजाने के बाद झगड़े की शुरुआत हुई।

अलीगढ़ के जवां क्षेत्र में जाटव और ठाकुर समाज के लोगों के बीच तनाव का माहौल है। दोनों तरफ से मारपीट के बाद पहुँची पुलिस ने मामले को शांत कराया। ये झगड़ा डीजे पर बजाए गए जातिगत गाने की वजह से हुआ। इस मामले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। पुलिस ने विवाह कार्यक्रम वैसे ही जारी रखवाया और शांति कायम करवाई।

क्या था मामला

जाटव समाज के एक परिवार में बारात आ रही थी, वह जब ठाकुर बहुल क्षेत्र से आगे बढ़ी, तो ‘छोरा जाटव को ले जाएगी’ गाना डीजे पर बजाया गया। बारात हरियाणा के पलवल से आई थी। रात करीब 9.15 बजे बारात ठाकुर बहुल क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी जातिगत उद्देश्य से ये गाना बजाया गया था। इसका ठाकुर समुदाय ने विरोध किया।

दोनों तरफ से कहासुनी शुरू हो गई और पत्थरबाजी तक जा पहुँची। मौके पर पहुँची पुलिस ने दोनों समुदायों को समझा-बुझाकर शांत कराया। बारात आगे बढ़ी और शादी संपन्न हुई। पुलिस का कहना है कि बारातियों ने जातिगत उद्देश्य से गाना बजा दिया था। इसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया।

मौके पर पहुँची पुलिस से सभी को समझाया और मामले को शांत कराया। बारात को गंतव्य तक पहुँचा दिया गया और शादी धूमधाम से संपन्न हुई। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिस की, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाए जा रहे हैं

ठाकुर और दलित समुदाय के बीच हुए झगड़े का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें कहा जा रहा है कि बारात पर पथराव किया गया और बारात को जाने नहीं दिया जा रहा था। इस मुद्दे को जातिगत उन्माद फैलाया जा रहा है।

इस पर पुलिस का कहना है कि दोनों समुदायों के बीच झगड़ा बढ़ाने के उद्देश्य से जिसने भी सोशल मीडिया पर गलत तरीके से घटना को पेश किया है, उसे चिन्हित किया जा रहा है। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गाँव में हालात सामान्य हो गए हैं और पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है।

एटा में भी आया था ऐसा ही मामला

कुछ दिन पहले एटा का भी एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें जाटव समाज की बारात को रोकने और हमला करने का आरोप लगाया गया था। इसमें शाक्य समाज पर आरोप लगा था कि उन्होंने जाटव समुदाय के बारात को रोका और दूल्हे को घोड़ी से उतार दिया। जबकि हकीकत ये थी कि जाटव समुदाय के लोग शाक्य समुदाय के कार्यक्रम में पहुँच गए थे और डीजे पर डांस के दौरान विवाद हुआ था।

पुलिस ने भी बताया था कि यह घटना एकतरफा हमले का नहीं था, बल्कि दलितों द्वारा ओबीसी समुदाय में आने वाले शाक्यों पर बिना उकसावे के हमला किया। ये लोग ही शाक्यों के कार्यक्रम में बगैर बुलावे के पहुँच गए थे।

इसके बावजूद सोशल मीडिया पर जाति व्यवस्था पर तंज कसते हुए योगी सरकार के खिलाफ जहर उगले गए थे। इस बार भी योगी सरकार को ठाकुरों को साथ देने का आरोप लगा कर समाज को बाँटने की कोशिश की जा रही है। हिन्दुओं के बीच नफरत का बीज बोया जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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