खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश में जाटव अनुसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं, जबकि शाक्य समुदाय OBC में आता है। पुलिस का कहना है कि यह घटना एकतरफा हमले का नहीं है, बल्कि दलितों द्वारा OBC पर बिना उकसावे के किए गए हमले की वजह से शुरू हुआ।
इसके बावजूद सोशल मीडिया पर जाति व्यवस्था पर तंज कसते हुए योगी सरकार के खिलाफ जहर उगले जा रहे हैं। दलितों को जागने का आह्वान किया जा रहा है और हिन्दुओं के बीच नफरत का बीज बोया जा रहा है।
बरात की शहनाई अचानक गालियों, लाठियों और गोलियों की धमक में बदल जाए, तो समझिए लोकतंत्र कहीं रास्ते में गिर पड़ा है।
— Rajneeti Tadka 🌶️ (@RajneetiTadka) February 12, 2026
एटा के सकीट में दलित परिवार की बारात सिर्फ इसलिए रोक दी गई क्योंकि दूल्हा घोड़ी चढ़ने की हिम्मत कर बैठा, दबंगों ने डीजे का बहाना बनाया और जातिवादी हिंसा खुलकर सामने… pic.twitter.com/u6BBSZ5U6o
विवाद तब शुरू हुआ जब कई यूज़र्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें जाटव समुदाय की एक महिला दावा कर रही थी कि शाक्य समुदाय के लोगों ने उनकी बारात रोकी, जातिवादी गालियां दीं और बारातियों के साथ मारपीट की। वीडियो तेजी से वायरल हुई, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।
वायरल वीडियो में घोड़ी नहीं चढ़ने देने की बात कही गई
वायरल वीडियो में एक महिला कह रही है कि दूल्हे की बारात को रास्ते में रोका गया है। उसे घोड़ी पर चढ़ने नहीं दिया जा रहा है। कुछ लोग आकर मारपीट कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रही महिला दुल्हन की भाभी है।
एटा उत्तर प्रदेश
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) February 12, 2026
लड़ाई जाटव समुदाय और शाक्य मौर्य समुदाय के बीच में हुई जिसमें यह दावा किया गया कि दलित की बारात को रोका गया शादी में विघ्न डाला गया
अखिलेश यादव ने इस घटना पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाया क्योंकि पहले उन्हें झूठी जानकारी दी गई की बारात रोकने वाले ठाकुर राजपूत है… pic.twitter.com/RES3FuHanB
क्या था मामला
बताया जा रहा है कि शाक्य समाज के परिवार में तिलक कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान डीजे बज रहा था। दलित समाज के व्यक्ति के घर में शादी थी। उनकी बारात भी इस रास्ते से गुजर रही थी। तभी बारात में डांस कर रहे कुछ लोग डीजे पर डांस करने के लिए शाक्य समुदाय के बीच आ गए। शाक्य समुदाय के लोगों ने मना किया, लेकिन नहीं माने। इस दौरान कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
देर रात फिर दोनों समुदायों के बीच विवाद हुआ और जमकर मारपीट हुई। शाक्य समुदाय के लोगों का कहना है कि पूरे मामले को दलित एंगल से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया है, जो गलत है।
पुलिस ने बताया विवाद की वजह
पुलिस के मुताबिक, जाटव ग्रुप के कुछ लोग कथित तौर पर बिना बुलाए शाक्य वेन्यू में घुस गए, गाली-गलौज की और इवेंट में मौजूद लोगों पर हमला किया, जिससे दो शाक्य लड़के घायल हो गए। यह घटना 10 और 11 फरवरी की रात को सकीट पुलिस स्टेशन के अंदर हुई।
वायरल वीडियो में हमले का दावा करने वाली महिला की पहचान जाटव पक्ष के एक आरोपी की पत्नी के तौर पर हुई है।
एटा के अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय ने घटना की जानकारी देते हुए बताया है कि थाना सकीट क्षेत्र में 10-11 फरवरी की रात में दो समुदाय के बीच विवाद हुआ। शाक्य समुदाय और जाटव समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए। शाक्य समुदाय के यहाँ सगाई या तिलक का कार्यक्रम था।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जाटव समुदाय के यहाँ शादी का कार्यक्रम था। शाक्य समुदाय के व्यक्ति के घर के पास डीजे बज रहा था और कुछ लोग डांस कर रहे थे। इस दौरान जाटव समुदाय के कुछ लोग आकर डांस करने लगे। इस दौरान विवाद हुआ।
थाना सकीट क्षेत्र में दो पक्षों के मध्य हुए विवाद में एक भ्रामक वीडियो वायरल किया जा रहा है। जिसका खंडन करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्री श्वेताभ पाण्डेय द्वारा दी गई बाइट।#UPPolice pic.twitter.com/KyS04269vO
— Etah Police (@Etahpolice) February 11, 2026
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रहा है कि दलित समाज की शादी में रुकावट पैदा करने की कोशिश की गई, जो सरासर गलत है। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और सोशल मीडिया पर जो भ्रामक खबर चल रही है, उस पर कार्रवाई की जा रही है।


