Homeफ़ैक्ट चेकसोशल मीडिया फ़ैक्ट चेकएटा में जाटव की बारात पर नहीं हुआ था हमला, पुलिस ने वायरल वीडियो...

एटा में जाटव की बारात पर नहीं हुआ था हमला, पुलिस ने वायरल वीडियो को बताया भ्रामक: जानें क्या था पूरा मामला

उत्तर प्रदेश की एटा पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे को गलत बताया है कि शाक्यों ने जाटवों की बारात पर हमला किया। पुलिस ने साफ किया कि DJ म्यूजिक को लेकर शाक्यों की तिलक कार्यक्रम के दौरान जाटव घुस गए और विवाद शुरू हो गया।

उत्तर प्रदेश के एटा में दलितों की बारात पर जाति के नाम पर हमला करने के आरोप वाले वायरल वीडियो को एटा पुलिस ने भ्रामक बताया है। इसमें किए गए दावों को गुमराह करने वाला और भड़काने वाला बताया है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि जाटव समुदाय की बारात पर शाक्य समुदाय के लोगों ने हमला किया था, जबकि पुलिस ने साफ किया कि शाक्य समुदाय के कार्यक्रम के दौरान जाटव लोग पहुँचे थे और फिर विवाद हुआ।

खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश में जाटव अनुसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं, जबकि शाक्य समुदाय OBC में आता है। पुलिस का कहना है कि यह घटना एकतरफा हमले का नहीं है, बल्कि दलितों द्वारा OBC पर बिना उकसावे के किए गए हमले की वजह से शुरू हुआ।

इसके बावजूद सोशल मीडिया पर जाति व्यवस्था पर तंज कसते हुए योगी सरकार के खिलाफ जहर उगले जा रहे हैं। दलितों को जागने का आह्वान किया जा रहा है और हिन्दुओं के बीच नफरत का बीज बोया जा रहा है।

विवाद तब शुरू हुआ जब कई यूज़र्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें जाटव समुदाय की एक महिला दावा कर रही थी कि शाक्य समुदाय के लोगों ने उनकी बारात रोकी, जातिवादी गालियां दीं और बारातियों के साथ मारपीट की। वीडियो तेजी से वायरल हुई, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।

वायरल वीडियो में घोड़ी नहीं चढ़ने देने की बात कही गई

वायरल वीडियो में एक महिला कह रही है कि दूल्हे की बारात को रास्ते में रोका गया है। उसे घोड़ी पर चढ़ने नहीं दिया जा रहा है। कुछ लोग आकर मारपीट कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रही महिला दुल्हन की भाभी है।

क्या था मामला

बताया जा रहा है कि शाक्य समाज के परिवार में तिलक कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान डीजे बज रहा था। दलित समाज के व्यक्ति के घर में शादी थी। उनकी बारात भी इस रास्ते से गुजर रही थी। तभी बारात में डांस कर रहे कुछ लोग डीजे पर डांस करने के लिए शाक्य समुदाय के बीच आ गए। शाक्य समुदाय के लोगों ने मना किया, लेकिन नहीं माने। इस दौरान कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

देर रात फिर दोनों समुदायों के बीच विवाद हुआ और जमकर मारपीट हुई। शाक्य समुदाय के लोगों का कहना है कि पूरे मामले को दलित एंगल से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया है, जो गलत है।

पुलिस ने बताया विवाद की वजह

पुलिस के मुताबिक, जाटव ग्रुप के कुछ लोग कथित तौर पर बिना बुलाए शाक्य वेन्यू में घुस गए, गाली-गलौज की और इवेंट में मौजूद लोगों पर हमला किया, जिससे दो शाक्य लड़के घायल हो गए। यह घटना 10 और 11 फरवरी की रात को सकीट पुलिस स्टेशन के अंदर हुई।

वायरल वीडियो में हमले का दावा करने वाली महिला की पहचान जाटव पक्ष के एक आरोपी की पत्नी के तौर पर हुई है।

एटा के अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय ने घटना की जानकारी देते हुए बताया है कि थाना सकीट क्षेत्र में 10-11 फरवरी की रात में दो समुदाय के बीच विवाद हुआ। शाक्य समुदाय और जाटव समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए। शाक्य समुदाय के यहाँ सगाई या तिलक का कार्यक्रम था।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जाटव समुदाय के यहाँ शादी का कार्यक्रम था। शाक्य समुदाय के व्यक्ति के घर के पास डीजे बज रहा था और कुछ लोग डांस कर रहे थे। इस दौरान जाटव समुदाय के कुछ लोग आकर डांस करने लगे। इस दौरान विवाद हुआ।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रहा है कि दलित समाज की शादी में रुकावट पैदा करने की कोशिश की गई, जो सरासर गलत है। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और सोशल मीडिया पर जो भ्रामक खबर चल रही है, उस पर कार्रवाई की जा रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

रुपम
रुपम
रुपम के पास 20 साल से ज्यादा का पत्रकारिता का अनुभव है। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा। जी न्यूज से टेलीविज़न न्यूज चैनल में कामकाज की शुरुआत। सहारा न्यूज नेटवर्क के प्रादेशिक और नेशनल चैनल में टेलीविज़न की बारीकियाँ सीखीं। सहारा प्रोग्रामिंग टीम का हिस्सा बनकर सोशल मुद्दों पर कई पुरस्कार प्राप्त डॉक्यूमेंट्री का निर्माण किया। एडिटरजी डिजिटल हिन्दी चैनल में न्यूज एडिटर के तौर पर काम किया।

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

रेप हो रहा है तो लेटकर मजे लो, लड़कियों में दिमाग नहीं है क्या… क्यों हर बार पीड़िताओं को ही ‘गुनहगार’ बताते हैं कॉन्ग्रेस...

अमरावती कांड में कॉन्ग्रेस की 'टुच्ची' सोच को पूरी तरह उजागर करते कॉन्ग्रेस नेत्री यशोमती चंद्रकांत ठाकुर का पीड़िताओं पर सवाल उठाते बयान सामने आया है।

मुस्लिम कर्मियों के खिलाफ 78 शिकायतें मिलीं, एक पर भी नहीं लिया एक्शन: TCS नासिक कांड में पुलिस को HR निदा खान की तलाश,...

HR अधिकारी निदा खान TCS नासिक में जिहादी साजिश में अहम भूमिका निभा रही थी। उसके पास पीड़िताओं ने 78 मेल, मैसेज किए थे। एसआईटी जाँच कर रही है।
- विज्ञापन -