क्या था मामला
जाटव समाज के एक परिवार में बारात आ रही थी, वह जब ठाकुर बहुल क्षेत्र से आगे बढ़ी, तो ‘छोरा जाटव को ले जाएगी’ गाना डीजे पर बजाया गया। बारात हरियाणा के पलवल से आई थी। रात करीब 9.15 बजे बारात ठाकुर बहुल क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी जातिगत उद्देश्य से ये गाना बजाया गया था। इसका ठाकुर समुदाय ने विरोध किया।
दोनों तरफ से कहासुनी शुरू हो गई और पत्थरबाजी तक जा पहुँची। मौके पर पहुँची पुलिस ने दोनों समुदायों को समझा-बुझाकर शांत कराया। बारात आगे बढ़ी और शादी संपन्न हुई। पुलिस का कहना है कि बारातियों ने जातिगत उद्देश्य से गाना बजा दिया था। इसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया।
मौके पर पहुँची पुलिस से सभी को समझाया और मामले को शांत कराया। बारात को गंतव्य तक पहुँचा दिया गया और शादी धूमधाम से संपन्न हुई। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिस की, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
#Aligarh | #AligarhPolice
— ALIGARH POLICE (@aligarhpolice) February 24, 2026
थाना जवाँ क्षेत्र के ग्राम सुनाना की घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक नगर श्री मृगांक शेखर पाठक द्वारा दी गई बाइट- @Uppolice pic.twitter.com/tWVR8zW63A
सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाए जा रहे हैं
ठाकुर और दलित समुदाय के बीच हुए झगड़े का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें कहा जा रहा है कि बारात पर पथराव किया गया और बारात को जाने नहीं दिया जा रहा था। इस मुद्दे को जातिगत उन्माद फैलाया जा रहा है।
"The terror of the Thakurs has grown so much in the BJP government that these scoundrels have pelted stone at a wedding procession of the Dalit community"
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) February 25, 2026
From Aligarh, Uttar Pradesh pic.twitter.com/OLVL22WyhX
इस पर पुलिस का कहना है कि दोनों समुदायों के बीच झगड़ा बढ़ाने के उद्देश्य से जिसने भी सोशल मीडिया पर गलत तरीके से घटना को पेश किया है, उसे चिन्हित किया जा रहा है। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गाँव में हालात सामान्य हो गए हैं और पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है।
एटा में भी आया था ऐसा ही मामला
कुछ दिन पहले एटा का भी एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें जाटव समाज की बारात को रोकने और हमला करने का आरोप लगाया गया था। इसमें शाक्य समाज पर आरोप लगा था कि उन्होंने जाटव समुदाय के बारात को रोका और दूल्हे को घोड़ी से उतार दिया। जबकि हकीकत ये थी कि जाटव समुदाय के लोग शाक्य समुदाय के कार्यक्रम में पहुँच गए थे और डीजे पर डांस के दौरान विवाद हुआ था।
पुलिस ने भी बताया था कि यह घटना एकतरफा हमले का नहीं था, बल्कि दलितों द्वारा ओबीसी समुदाय में आने वाले शाक्यों पर बिना उकसावे के हमला किया। ये लोग ही शाक्यों के कार्यक्रम में बगैर बुलावे के पहुँच गए थे।
इसके बावजूद सोशल मीडिया पर जाति व्यवस्था पर तंज कसते हुए योगी सरकार के खिलाफ जहर उगले गए थे। इस बार भी योगी सरकार को ठाकुरों को साथ देने का आरोप लगा कर समाज को बाँटने की कोशिश की जा रही है। हिन्दुओं के बीच नफरत का बीज बोया जा रहा है।


