PM मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब के बीच हैदराबाद हाउस में की बैठक, कई अहम समझौते हुए साइन: माइग्रेशन और मोबिलिटी पर जोर

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (5 मार्च 2026) को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में अलेक्जेंडर स्टब के साथ बैठक की। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया, जिसमें भारत और फ़िनलैंड के बीच शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

भारत और फिनलैंड की साझेदारी

फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टबभारत की राजकीय यात्रा पर हैं। बुधवार (4 मार्च 2026) को वह मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग जगत के नेताओं सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ राजधानी पहुँचे, जहाँ उनका औपचारिक स्वागत किया गया।

संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नॉर्डिक क्षेत्र में फ़िनलैंड भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों देश अलग-अलग क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत और फिनलैंड के बीच एक व्यापक माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के इनोवेशन के बीच संबंधों को मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समझौते से प्रतिभाओं और छात्रों के लिए अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उन्नत शोध और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अध्ययन और कार्य करने के इच्छुक भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए फिनलैंड एक पसंदीदा जगह बनती जा रही  रही है।

उन्होंने बताया कि दोनों देश शिक्षा और शोध सहयोग को और विस्तार देंगे। शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूल-टू-स्कूल सहयोग और शिक्षा के भविष्य से जुड़े अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी है। प्रधानमंत्री ने फिनलैंड को शिक्षा क्षेत्र में वैश्विक उदाहरण बताते हुए कहा कि स्कूल से लेकर उद्योग स्तर तक मानव संसाधन विकास में सहयोग को नई दिशा दी जाएगी। साथ ही संयुक्त अनुसंधान और स्टार्टअप सहयोग को भी मजबूत किया जाएगा।

दोनों नेताओं ने पर्यावरण और विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फिनलैंड आर्कटिक और ध्रुवीय अनुसंधान में अपनी साझेदारी का विस्तार कर रहे हैं, क्योंकि जलवायु अध्ययन और उन्नत वैज्ञानिक अन्वेषण में दोनों देशों की समान रुचि है।

इस राजकीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और फिनलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करना तथा नवाचार, शिक्षा, अनुसंधान और व्यावसायिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार करना है।