तेलंगाना के महबूबनगर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक हिंदू युवक पर करीब 20-25 इस्लामी कट्टरपंथियों की हिंसक भीड़ ने सिर्फ इसलिए जानलेवा हमला कर दिया क्योंकि उसने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत से जुड़ा एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया था।
पीड़ित का आरोप है कि भीड़ ने उसे जमीन पर गिराकर बेरहमी से कुचला और अगर सामने वाले दुकानदार ने दखल न दिया होता, तो उसकी जान भी जा सकती थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक 9 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।
क्या था विवाद और कैसे हुआ हमला?
पीड़ित बी संतोष कुमार महबूबनगर के सरकारी अस्पताल के पास फुटपाथ पर एक छोटी सी दुकान चलाता है। संतोष के मुताबिक, उसने 1 मार्च को इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर एक स्टोरी पोस्ट की थी। यह पोस्ट स्थानीय ग्रुप्स में वायरल हो गई, जिससे कुछ इस्लामी कट्टरपंथी भड़क गए।
रात करीब 9 बजे जब संतोष अपनी दुकान के बाहर बैठा था, तब पहले 7 लोग उसके पास आए और अचानक उसे पीटना शुरू कर दिया। देखते ही देखते 15-20 लोग और वहाँ आ पहुँचे और पूरी भीड़ उसे लात-घूंसों से मारने लगी। संतोष ने बताया, “वे मुझे जमीन पर गिराकर पैरों से कुचल रहे थे। मैं रहम की भीख माँगता रहा, लेकिन उन्होंने एक न सुनी।”
दुकानदार ने बचाई जान, अब भी सता रहा है डर
संतोष के गले, पीठ और होंठों पर गंभीर चोटें आई हैं। उसने बताया कि सामने की दुकान चलाने वाले एक शख्स ने हिम्मत दिखाई और उसे भीड़ से खींचकर बाहर निकाला, जिससे उसकी जान बच सकी।
लेकिन खतरा यहीं खत्म नहीं हुआ। संतोष का दावा है कि आधी रात के बाद भी हमलावर उसे ढूँढते हुए उसकी दुकान के पास आए थे। फिलहाल वह डरा हुआ है और अपनी दुकान खोलने के लिए पुलिस सुरक्षा की माँग कर रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और अपील
महबूबनगर के डीएसपी वेंकटेश्वरलू ने पुष्टि की कि हमला सोशल मीडिया पोस्ट के विवाद की वजह से ही हुआ था। पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को आरोपित बनाया है, जिनमें से 9 को गिरफ्तार कर लिया गया है (हालाँकि उन्हें बाद में जमानत मिल गई)। बाकी दो की तलाश जारी है। पुलिस ने मारपीट, आपराधिक साजिश और गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
डीएसपी ने जनता से अपील की है कि रमजान, होली और उगादी जैसे त्योहारों के समय सोशल मीडिया पर कोई भी संवेदनशील पोस्ट न डालें। उन्होंने कहा, “अगर कोई आपत्तिजनक पोस्ट दिखती है, तो कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना दें।” इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है।

