महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने मुंबई में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक संदिग्ध ‘स्लीपर सेल’ को ध्वस्त कर दिया है। ATS ने अयान शेख नाम के एक इंजीनियरिंग छात्र को गिरफ्तार किया है, जो पिछले छह महीनों से मुंबई में सक्रिय था।
अयान शेख पर आरोप है कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के लिए युवाओं की भर्ती कर रहा था और उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेल रहा था। शुक्रवार (6 मार्च 2026) को उसे विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ ATS उसकी कस्टडी की माँग करेगी।
Maharashtra | Two days ago, the ATS arrested a student Ayan Shaikh, who had been active in Mumbai for the past six months as a 'sleeper cell' of the terrorist organisation Jaish-e-Mohammed. It is alleged that he was given the specific responsibility of radicalising youth and…
— ANI (@ANI) March 6, 2026
कैसे जाल में फँसाता था युवाओं को?
ATS की जाँच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अयान शेख ने अपने ही दो करीबी दोस्तों और सहपाठियों (इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स) को निशाना बनाया था। उसने उन्हें इस कदर ब्रेनवाश कर दिया था कि वे आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए विदेश जाने की योजना बनाने लगे थे।
ATS ने इन दोनों छात्रों के बयान दर्ज कर लिए हैं। जाँच में पता चला है कि अयान शेख उन पर लगातार दबाव बना रहा था और उन्हें जैश-ए-मोहम्मद व आईएसआईएस (ISIS) से जुड़ी प्रचार सामग्री वाले टेलीग्राम ग्रुप्स में शामिल कर रहा था।
डिजिटल डिवाइस से मिला ‘आतंकी रोडमैप’
ATS ने मुंबई के कुर्ला, गोवंडी और शिवाजी नगर इलाकों में छापेमारी कर अयान शेख के पास से लैपटॉप और मोबाइल फोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं। इन डिवाइस की शुरुआती जाँच में एक ‘डिजिटल रोडमैप’ मिला है।
इसमें जैश प्रमुख मसूद अजहर के ऑडियो-वीडियो क्लिप और कई ऐसी चैट मिली हैं, जिनसे पता चलता है कि वह विदेशी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था। यह सारा नेटवर्क एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म (जैसे टेलीग्राम) के जरिए चलाया जा रहा था ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।
विदेशी हैंडलर्स और फंडिंग की जाँच
पूछताछ के दौरान अयान शेख ने कुछ विदेशी नागरिकों और संदिग्ध सहयोगियों के बारे में जानकारी दी है, जो इस नेटवर्क को विस्तार देने में उसकी मदद कर रहे थे। ATS अब अयान शेख के बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की बारीकी से जाँच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे इस काम के लिए कहीं से फंडिंग या लॉजिस्टिक सपोर्ट तो नहीं मिल रहा था।
अयान शेख के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ATS के अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी सिर्फ शुरुआत हो सकती है, क्योंकि अयान शेख के जरिए एक बड़े ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क का पता चला है। जाँच एजेंसियाँ अब उन अन्य युवाओं की पहचान करने में जुटी हैं जो अयान या उसके ग्रुप के संपर्क में थे।

