ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने भारत और ईरान के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि दुनिया के अन्य देशों का रुख चाहे जो भी हो, लेकिन भारत और ईरान के संबंध अटूट हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच चल रही अहम बातचीत का नतीजा अगले 2 से 3 घंटे में पूरी दुनिया के सामने आ सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ा हुआ है और वहाँ फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।
राजदूत ने कहा कि भारत के लोगों की पीड़ा को ईरान अपनी पीड़ा मानता है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि दोनों देश मिलकर मौजूदा संकट का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
अगले 2-3 दिनों में सामने आ सकता है बड़ा नतीजा
मोहम्मद फथाली ने कहा कि भारत और ईरान के बीच जिस स्तर की बातचीत चल रही है, उसका असर बहुत जल्द दिख सकता है। उन्होंने कहा कि अगले 2 या 3 घंटों में इस बातचीत का नतीजा सामने आ सकता है।
उनके मुताबिक यह नतीजा कई मामलों से जुड़ा हो सकता है। इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय नाविकों की रिहाई, भारत को तेल की सप्लाई सुचारु रखना या क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए भारत की संभावित मध्यस्थता शामिल हो सकती है।
फथाली ने बताया कि ईरान के उच्च अधिकारियों ने दूतावास को निर्देश दिए हैं कि भारत सरकार के साथ मिलकर हर समस्या का समाधान खोजा जाए।
भारतीय नाविकों की वापसी को लेकर उम्मीद, युद्ध पर भी कड़ा संदेश
ईरानी राजदूत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी को लेकर उम्मीद जताई। उन्होंने बताया कि हाल ही में ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों और भारत सरकार के अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई है।
फथाली ने कहा कि ईरान तकनीकी और कूटनीतिक स्तर पर आने वाली सभी समस्याओं को जल्द सुलझाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में इस मामले में अच्छी खबर मिल सकती है।

