‘भारत पर दबाव बना रहा था अमेरिका, अब मदद माँगने पर आया’: ईरान के विदेश मंत्री ने रूसी तेल खरीद को लेकर US पर कसा तंज

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग के बाद कच्चे तेल की कीमतें बेलगाम होती जा रही हैं। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया है। इस रास्ते से दुनिया का 20% कच्चा तेल गुजरता है जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई है। इस बीच अमेरिका ने रूसी तेल पर लगे प्रतिबंध को 30 दिनों के लिए हटा दिया है जिसके बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर तंज कसा है।

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका की नीति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जो अमेरिका पहले भारत समेत कई देशों पर रूस से तेल खरीदना बंद करने का दबाव बना रहा था और वही अब दुनिया से रूसी कच्चा तेल खरीदने की गुहार लगा रहा है।

अराघची ने X पर एक न्यूज रिपोर्ट शेयर करते हुए लिखा, “अमेरिका ने कई महीनों तक भारत पर दबाव डाला कि वह रूस से तेल खरीदना बंद करे। लेकिन ईरान के साथ सिर्फ दो हफ्ते युद्ध चलने के बाद अब व्हाइट हाउस खुद दुनिया से भारत सहित रूसी कच्चा तेल खरीदने की अपील कर रहा है। यूरोप को लगा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध का समर्थन करने से उसे रूस के खिलाफ अमेरिका का पूरा साथ मिल जाएगा। बहुत ही शर्मनाक स्थिति।”

गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने कई बार भारत जैसे देशों से रूसी तेल की खरीद कम करने का आग्रह किया था। उस समय पश्चिमी देशों का तर्क था कि रूस की ऊर्जा बिक्री से उसे आर्थिक लाभ मिल रहा है।

हालाँकि अब मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। इसी पृष्ठभूमि में अराघची ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी नीतियों में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई दे रहा है।