श्री श्री रविशंकर को कर्नाटक हाई कोर्ट से बड़ी राहत, जमीन कब्जा मामले में FIR की रद्द

कर्नाटक हाई कोर्ट ने बुधवार (25 मार्च 2026) को एक अहम फैसले में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया। यह FIR बेंगलुरु में जमीन कब्जे (अतिक्रमण) के आरोपों को लेकर दर्ज की गई थी। यह फैसला जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने सुनाया है। हालाँकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इस फैसले में की गई कोई भी टिप्पणी अन्य आरोपियों या दूसरे मामलों पर लागू नहीं होगी जो अभी अलग-अलग मंचों पर लंबित हैं।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला उस याचिका के बाद सामने आया जिसमें श्री श्री रविशंकर ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती दी थी। इससे पहले 13 जनवरी को हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रही जाँच पर रोक (स्टे) लगा दी थी। यह FIR बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन टास्क फोर्स (BMTF) पुलिस ने दर्ज की थी।

इसमें कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम, 1964 की धारा 192A के तहत केस दर्ज किया गया था। इस कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करता है या वहाँ रहने की कोशिश करता है तो उसे एक साल तक की जेल और 5000 रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

यह मामला हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (PIL) के आदेश के आधार पर दर्ज किया गया था। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है और वहाँ निर्माण भी कर लिया है। खास बात यह भी थी कि कुछ निर्माण ‘राजकालुवे’ (बरसाती पानी की नाली जो झीलों को जोड़ती है) पर किए गए थे। इस मामले में श्री श्री रविशंकर को भी अन्य लोगों के साथ आरोपी बनाया गया था।