हम पाकिस्तान की तरह ‘दलाल देश’ नहीं: सर्वदलीय बैठक में बोले जयशंकर, रिजिजू ने कहा- मिडिल ईस्ट संकट में सरकार-विपक्ष एकसाथ

मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालातों को बीच बुधवार (25 मार्च 2026) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी समेत कई बड़े नेता और अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक के दौरान सरकार ने विपक्षी दलों को बताया कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और LPG का घरेलू उत्पादन 60% तक बढ़ गया है।

सरकार ने बैठक के दौरान जानकारी दी कि सभी संबंधित पक्षों से लगातार बातचीत जारी है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट में फँसे जहाजों को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि चार जहाज सुरक्षित पहुँच चुके हैं जबकि कुछ अन्य जहाज भी रास्ते में हैं। खाड़ी देशों में फँसे भारतीय नागरिकों को लेकर सरकार ने कहा कि भारतीय दूतावास लगातार सक्रिय हैं और अब तक करीब 4.25 लाख भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।

वहीं, विपक्ष की ओर से इस बैठक में बीजेडी के सांसद सस्मित पात्रा, जेडीयू के ललन सिंह, कॉन्ग्रेस के मुकुल वासनिक और तारिक अनवर, सपा के धर्मेंद्र यादव और CPM के जॉन ब्रिटास सहित कई नेता मौजूद रहे। इसके अलावा हैदराबाद से AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी बैठक में शामिल हुए। विपक्ष के नेता राहुल गाँधी और ममता बनर्जी की पार्टी TMC के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल नहीं हुए।

बैठक के दौरान धर्मेंद्र यादव और मुकुल वासनिक ने पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। इस पर सरकार ने जवाब दिया कि पाकिस्तान 1981 से ही ऐसा करता आ रहा है, इसमें कोई नई बात नहीं है। वहीं, इस मुद्दे पर जयशंकर ने कहा कि भारत पाकिस्तान की तरह ‘दलाल देश’ नहीं बन सकता।

सर्वदलीय बैठक पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सभी दलों के नेताओं ने अपने-अपने दल की ओर से जानकारी साझा की और अपनी चिंताएँ भी रखीं। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेताओं ने कई सवाल पूछे कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष से पश्चिम एशिया की स्थिति का भारत पर क्या असर पड़ेगा और सरकार ने भारतीय लोगों के लिए क्या कदम उठाए हैं।”

रिजिजू ने कहा कि सरकार ने इन सभी सवालों का पूरी तरह और विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “अंत में विपक्ष के सभी साथियों ने कहा कि इस संकट के समय में सरकार जो भी फैसला लेगी जो भी कदम उठाएगी उसमें सभी एकजुट होकर उसका समर्थन करेंगे।”