झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड मुख्यालय में रामनवमी से ठीक पहले शुरू हुआ विवाद गुरुवार (26 मार्च 2026) को हिंसक झड़प में बदल गया। धार्मिक जुलूस के मार्ग, डीजे और महावीरी झंडा लगाने को लेकर मुस्लिम पक्ष ने जमकर बवाल किया। पत्थरबाजी के दौरान स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
बुधवार (25 मार्च 2026) की देर शाम रमकंडा के बिचला टोला स्थित कौआखोह शिव चबूतरा के पास महावीर पताका स्थापित करने जा रहे रामभक्तों को त्रिवेणी चौक के पास मुस्लिमों ने रोक लिया। इसके बाद डीजे बजाने को लेकर भी भीड़ ने विवाद शुरू कर दिया। बहस करते-करते भीड़ नारेबाजी भी करने लगी और माहौल हिंसक हो गया।
नारेबाजी से हिंसा तक: पत्थरबाजी और भगदड़
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। गुरुवार (26 मार्च 2026) को हालात और बिगड़ गए जब बड़ी संख्या इस्लामी भीड़ सड़कों पर उतर आई और पत्थरबाजी करने लगी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बाजार की दुकानें बंद होने लगीं।
हालात तब और गंभीर हो गए जब इस्लामी भीड़ की ओर से पुलिस बल पर भी पथराव की घटनाएँ सामने आईं। पुलिस की मौजूदगी में बाद में रामभक्तों ने कौआखोह शिव चबूतरा के पास महावीर पताका स्थापित किया।
पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, इलाका छावनी में तब्दील
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन हालात बिगड़ने पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। रमकंडा थाना क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है है। जिले के पुलिस अधीक्षक खुद मौके पर पहुँचकर हालात की निगरानी की।
पूरे रमकंडा बाजार और आसपास के इलाकों को फिलहाल छावनी में तब्दील हो चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में पहले भी जुलूस को लेकर तनाव की स्थिति बन चुकी थी।
रामनवमी को लेकर थाने में आयोजित शांति समिति की बैठक के बावजूद मुस्लिमों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। बैठक में दोनों पक्षों की ओर से शांतिपूर्ण तरीके से रामनवमी ओर रमजान मनाने पर सहमती बनी थी। हालाँकि रामनवमी पर मुस्लिम पक्ष ने न सिर्फ बवाल किया बल्कि पुलिस पर भी पत्थर फेंके।

