गूगल-Apple-टेस्ला सबको कर देंगे तबाह: ईरान ने मिडिल ईस्ट में 18 अमेरिकी टेक कंपनियों को उड़ाने की दी धमकी, ट्रंप बोले- ‘जल्द खत्म होगा युद्ध’

मिडिल ईस्ट युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अब तक सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा ईरान अब सीधे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ यानी ‘टेक कंपनियों’ पर हमले की तैयारी में है। ईरान की सेना (IRGC) ने दुनिया की 18 बड़ी कंपनियों की लिस्ट जारी कर उन्हें 1 अप्रैल की रात 8 बजे से तबाह करने की धमकी दी है।

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान में सैन्य ऑपरेशन अगले दो से तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है और अमेरिकी सेना वहाँ से वापस लौट सकती है।

ईरान की ‘हिट लिस्ट’ में कौन सी कंपनियाँ?

ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने कुल 18 कंपनियों को निशाना बनाने का एलान किया है। इस लिस्ट में एप्पल, मेटा (फेसबुक), गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, आईबीएम, डेल, टेस्ला, एनवीडिया, बोइंग, एचपी, सिस्को, ओरेकल, प्लान्टर, जेपी मॉर्गन, जीई, स्पायर सॉल्यूशंस और G42 शामिल हैं।

ईरान ने इन कंपनियों को ‘आतंकवादी’ करार दिया है और इनके कर्मचारियों को तुरंत दफ्तर छोड़ने की चेतावनी दी है। ईरान ने आसपास रहने वाले लोगों से भी कहा है कि वे इन कंपनियों के एक किलोमीटर के दायरे से दूर हट जाएँ।

हमले की धमकी के पीछे की वजह

ईरान का आरोप है कि ये अमेरिकी टेक कंपनियाँ उनके बड़े अधिकारियों और कमांडरों की ‘टारगेटेड हत्याओं’ (Assassination) में शामिल रही हैं। ईरान का मानना है कि इन कंपनियों ने ही इजरायल और अमेरिका को खुफिया जानकारी और तकनीकी मदद दी, जिससे ईरानी नेताओं को ढूँढकर मारना आसान हुआ। IRGC का कहना है कि उन्होंने कई बार चेतावनी दी थी जिसे नजरअंदाज किया गया, इसलिए अब वे इन कंपनियों को ‘पत्थर युग’ में भेजने के लिए हमले करेंगे।

ट्रंप का ‘एग्जिट प्लान’ और कड़ा रुख

जंग के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से संकेत दिया है कि अमेरिका का काम लगभग पूरा हो चुका है। ट्रंप ने कहा, “हम ईरान को दशकों पीछे धकेल रहे हैं ताकि वह परमाणु हथियार न बना सके। एक बार जब हमें लगेगा कि काम हो गया है, तो हम वहाँ से निकल जाएँगे।”

ट्रंप ने इसके लिए 2 से 3 हफ्ते का समय बताया है। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका को ईरान के साथ किसी समझौते (Deal) की जरूरत नहीं है और वे बिना किसी डील के भी अपनी सेना वापस बुला सकते हैं।

दुनिया को ट्रंप की दो टूक: ‘खुद संभालें अपनी ऊर्जा’

तेल की बढ़ती कीमतों और स्ट्रेट ऑफ होर्मूज (Strait of Hormuz) के बंद होने पर ट्रंप ने सख्त लहजा अपनाया है। उन्होंने मित्र देशों से कहा है कि अमेरिका अब उनकी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) की जिम्मेदारी नहीं उठाएगा।

ट्रंप ने कहा, “अगर फ्रांस या किसी और देश को तेल या गैस चाहिए, तो वे खुद स्ट्रेट ऑफ होर्मूज में जाकर अपना रास्ता साफ करें और अपनी रक्षा खुद करें। अमेरिका अब उनकी मदद के लिए वहाँ नहीं खड़ा रहेगा क्योंकि जब हमें जरूरत थी, तब वे हमारे साथ नहीं थे।”