शिलांग में खासी छात्र संघ ने बंद कराई अवैध मस्जिद, प्रशासन से कहा- इसे तोड़ो: इलाके में तनाव, लोग बोले- जनजातीय परंपराओं पर दो ज्यादा ध्यान

शिलांग के निचले लुम्पारिंग इलाके में खासी छात्र संघ ने 14 अप्रैल 2026 को अवैध मस्जिद को बंद करवा दिया, जिसके बाद वहाँ तनाव का माहौल है।

छात्रसंघ का कहना है कि इसका निर्माण अवैध तरीके से स्थानीय प्रशासन की अनुमति के बगैर की गई थी। इसकी जानकारी स्थानीय निकायों को भी नहीं थी। छात्रसंघ का दावा है कि यह जमीन मूल रूप से कब्रिस्तान की देखरेख करने वाले चौकीदार के रहने के लिए दी गई थी। इसपर गैरकानूनी तरीके से मस्जिद बना दिया गया।

छात्रसंघ के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन ने इसे हटाने के लिए नोटिस भी दिया, लेकिन नहीं हटाया गया। इसके बाद उन्हें हस्तक्षेप करना पड़ा और मस्जिद को बंद करना पड़ा। उन्होंने इमाम को तुरंत जगह खाली करने को भी कहा है। इनका कहना है कि इमाम का वहाँ रहना गलत है और वहाँ से धार्मिक गतिविधियाँ नहीं चलाई जा सकती। सोशल मीडिया पर खासी छात्र संघ ने मस्जिद हटाने के लिए जो नोटिस इमाम को दिया है, उसका वीडियो भी सामने आया है।

अब छात्रसंघ इस गैरकानूनी ढाँचे को हटाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। इनका कहना है कि मेघालय के जनजातीय क्षेत्रों के हिसाब से जो कानून लागू हैं और परंपराएँ चलती आ रही हैं, उन्हें सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। कई लोग खासी छात्रसंघ के कदम का समर्थन कर रहे हैं और इलाके में अवैध निर्माण को हटाने और शांतिपूर्ण कानूनी समाधान के पक्ष में हैं।