AAP से जुड़े हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़, चुनाव के लिए सूरत भेजी जा रही थी नकदी: दिल्ली हाईकमान के निर्देश पर हो रहा था काम

गुजरात के सूरत में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े हवाला नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक सूरत क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसके जरिए दिल्ली से सूरत तक राजनीतिक फंडिंग के लिए लाखों रुपए हवाला और अंगड़िया माध्यम से भेजे जा रहे थे।

रिपोर्ट्स में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए 1 करोड़ रुपए से अधिक की नकद लेनदेन हुई है, जिसका इस्तेमाल सूरत में पार्टी के प्रचार और चुनावी गतिविधियों में किया जाता था।

दिल्ली से सूरत तक हवाला नेटवर्क, तीन नेताओं की भूमिका सामने

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में आम आदमी पार्टी से जुड़े हिमांशु पाहुजा, आकाश मिश्रा और अजय तिवारी की अहम भूमिका बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, हिमांशु पाहुजा दिल्ली में रहता है, जबकि आकाश मिश्रा और अजय तिवारी सूरत में रहकर कामकाज संभालते हैं।

बताया जा रहा है कि हिमांशु पहले कॉन्ग्रेस के लिए काम कर चुका है और फिलहाल आम आदमी पार्टी से जुड़ा हुआ है। उसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का करीबी भी माना जाता है। क्राइम ब्रांच के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि हिमांशु इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य फाइनेंसर और हैंडलर था, जो दिल्ली से हवाला के जरिए पैसे भेजने का काम करता था।

वहीं आकाश मिश्रा के बारे में जानकारी मिली है कि वह पहले आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ काम कर चुका है। अजय तिवारी भी सूरत में रहकर इस नेटवर्क का हिस्सा था। तीनों मिलकर राजनीतिक फंडिंग से जुड़े पूरे ऑपरेशन को संचालित कर रहे थे।

हर महीने आंगड़िया से भेजे जाते थे लाखों रुपए, जाँच जारी

क्राइम ब्रांच के अनुसार, आम आदमी पार्टी के दिल्ली हाईकमान के निर्देश पर हर महीने अंगड़िया के जरिए लाखों रुपए सूरत भेजे जाते थे। इन पैसों का उपयोग शहर में पार्टी के प्रचार-प्रसार और चुनावी गतिविधियों में किया जाता था।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाले समय में इन तीनों आरोपितों के साथ-साथ उनसे जुड़े अन्य आम आदमी पार्टी नेताओं को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इस बीच कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें पैसों की लेनदेन होती हुई दिखाई दे रही है।

एजेंसियों को आशंका है कि इस तरह का नेटवर्क गुजरात के अन्य शहरों में भी सक्रिय हो सकता है। फिलहाल जाँच एजेंसियाँ इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और पूरी चेन का पता लगाने में जुटी हुई हैं। वहीं इस मामले पर आम आदमी पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।