बंगाल चुनाव के पहले चरण में हिंसा पर EC का हंटर, डायमंड हार्बर के ASP और SDPO समेत 5 पुलिस अफसर सस्पेंड: लापरवाही बरतने और पक्षपात के लगे आरोप

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने बहुत सख्त कदम उठाया है। आयोग ने डायमंड हार्बर इलाके में तैनात पाँच पुलिस अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।

इन अफसरों पर चुनाव के दौरान अपनी जिम्मेदारी ठीक से न निभाने और पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगे हैं। आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सस्पेंड होने वाले अफसरों में एडिशनल एसपी संदीप गरई और एसडीपीओ सजल मंडल समेत तीन थानों के प्रभारी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ अब विभागीय जाँच भी शुरू कर दी गई है।

खास तौर पर IPS अधिकारी संदीप गरई की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी गई है, ताकि उन पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जा सके। आयोग का मानना है कि इन अधिकारियों ने मतदान के समय सुरक्षा और निष्पक्षता बनाए रखने में बड़ी चूक की है।

यह कार्रवाई 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के दौरान हुई घटनाओं के कारण हुई है। उस दिन कई जगहों से मारपीट और डराने-धमकाने की खबरें आई थीं। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उपद्रवियों को नहीं रोका गया और कुछ राजनीतिक दलों के एजेंटों को बूथ के अंदर नहीं जाने दिया गया। चुनाव आयोग ने अब सख्त संदेश दिया है कि आने वाले चरणों में मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराया जाएगा।