पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने बहुत सख्त कदम उठाया है। आयोग ने डायमंड हार्बर इलाके में तैनात पाँच पुलिस अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
इन अफसरों पर चुनाव के दौरान अपनी जिम्मेदारी ठीक से न निभाने और पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगे हैं। आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
The famed Diamond Harbour model is beginning to crumble.
— Amit Malviya (@amitmalviya) April 25, 2026
The Election Commission of India (ECI) has ordered the suspension and initiation of disciplinary proceedings against the following officers for “serious misconduct and failure to maintain neutrality during the West Bengal… pic.twitter.com/PGgAlzMMen
सस्पेंड होने वाले अफसरों में एडिशनल एसपी संदीप गरई और एसडीपीओ सजल मंडल समेत तीन थानों के प्रभारी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ अब विभागीय जाँच भी शुरू कर दी गई है।
खास तौर पर IPS अधिकारी संदीप गरई की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी गई है, ताकि उन पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जा सके। आयोग का मानना है कि इन अधिकारियों ने मतदान के समय सुरक्षा और निष्पक्षता बनाए रखने में बड़ी चूक की है।
यह कार्रवाई 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के दौरान हुई घटनाओं के कारण हुई है। उस दिन कई जगहों से मारपीट और डराने-धमकाने की खबरें आई थीं। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उपद्रवियों को नहीं रोका गया और कुछ राजनीतिक दलों के एजेंटों को बूथ के अंदर नहीं जाने दिया गया। चुनाव आयोग ने अब सख्त संदेश दिया है कि आने वाले चरणों में मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराया जाएगा।

