दिल्ली में आवारा गायों की समस्या खत्म करने की तैयारी, CM रेखा गुप्ता की नई योजना से रिज के जंगलों से जुड़ेंगी आधुनिक सुविधाओं वाली गौशालाएँ

दिल्ली में सड़कों पर घूमने वाली गायों और उनकी खराब हालत को लेकर अब सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई योजना का ऐलान किया है, जिसके तहत गौशालाओं को रिज क्षेत्र के जंगलों से जोड़ा जाएगा। इसका मकसद गायों को भीड़भाड़ और ट्रैफिक से दूर, प्राकृतिक और खुले माहौल में रखना है।

रिज इलाके से जुड़ेंगी गौशालाएँ

सरकार एक वैज्ञानिक तरीके से योजना बना रही है, जिसमें गौशालाओं को दिल्ली रिज के हरे-भरे इलाकों से जोड़ा जाएगा। इससे गायों को शहर की भीड़ से बाहर, शांत और प्राकृतिक वातावरण मिलेगा जो उनके स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा।

सरकार ने दिल्ली के 13 जिलों में नई गौशालाएँ बनाने के लिए जमीन चिह्नित कर ली है। ये गौशालाएँ सिर्फ रहने की जगह नहीं होंगी बल्कि यहाँ पशु चिकित्सा सेवाएँ, सोलर प्लांट और बायोगैस प्लांट जैसी सुविधाएँ भी दी जाएँगी ताकि ये आत्मनिर्भर बन सकें।

किशन गंज की गौशाला होगी शिफ्ट

नॉर्थ दिल्ली के किशन गंज में मौजूद गौशाला, जहाँ अभी करीब 2000 गायें एक एकड़ में रहती हैं, उसे अब पाँच एकड़ से ज्यादा बड़े स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। इससे गायों को ज्यादा जगह और बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले गोबर का सही प्रबंधन नहीं होने से वह नालियों में बहकर यमुना नदी में चला जाता था। अब इस समस्या को हल करने के लिए 6 बायोगैस प्लांट लगाए जाएँगे, जो रोजाना लगभग 1500 टन गोबर को प्रोसेस करेंगे।

फंडिंग और डेयरी सुधार पर जोर

सरकार ने गौशालाओं के लिए पहले से लंबित 20 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं और इस साल 24 करोड़ रुपए और दिए गए हैं। साथ ही, डेयरी कॉलोनियों के सुधार के लिए मुख्यमंत्री विकास फंड से 100 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकार का कहना है कि ये सभी कदम गायों की बेहतर देखभाल के साथ-साथ शहर में आवारा पशुओं की समस्या को कम करने की दिशा में उठाए जा रहे हैं।