पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। पार्टी की यह जीत में महिलाओं की भी पूरी भागीदारी रही है, यह महिला सशक्तिकरण का ही उदाहरण है। इसमें आरजी कर रेप पीड़िता की माँ रत्ना देबनाथ तो है ही, एक और महिला है जो पहले घरो में जाकर बर्तन धोती थीं और अब विधायक बनी हैं।
इनका नाम है कलिता माझी। कलिता माझी औसग्राम सीट से विधायक बनी हैं। उन्होंने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12535 वोटों से हराया है। उन्हें 107692 वोट मिले हैं। गुस्करा नगर पालिका की रहने वाली कलिता माझी राजनीति में आने से पहले घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती थीं। उन्होंने घर-घर जाकर बर्तन साफ किए और महीने के ₹2500 में गुजारा करती थीं। उनके पति प्लंबर का काम करते हैं।
BJP Bengal candidate Kalita Majhi, who works as a domestic worker in 4 households and earns ₹2,500 a month, wins from the Ausgram constituency. This is the power of the BJP, where even the most humble citizen can rise and script a truly inspiring journey. pic.twitter.com/LVI4V9xSFU
— P C Mohan (@PCMohanMP) May 4, 2026
अब उनकी जीत ने जमीनी जुड़ाव के कारण सबका ध्यान खींच लिया है। हालाँकि, इससे पहले भी 2021 विधानसभा चुनाव में कलिता माझी ने BJP के टिकट पर औसग्राम से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गई थीं। इसके बावजूद BJP ने उन पर भरोसा किया और 2026 में दोबारा टिकट दिया। और इस बार चुनावी जीत में जबरदस्त जीत के बाद कलिता माझी ने यह भरोसा जीत लिया है।
मजदूरी करने वाली चंदना बाउरी दूसरी बार बनीं विधायक
ऐसी ही जमीनी जुड़ाव से चर्चा में आई महिला हैं चंदना बाउरी। माझी की तरह ही चंदना बाउरी ने मजदूर और गृहिणी के रूप में अपना जीवन बिताया। अब वे भी सल्तोरा विधानसभा से दूसरी बार जीती हैं। इससे पहले 2021 में BJP के टिकट पर पहली बार विधायक बनी थीं। चंदना के पति दिहाड़ी मजदूर का काम करते थे और वे भी उनका हाथ बँटाती थीं। बहुत मेहनत के बाद भी सिर्फ ₹400 से घर चलता था।

