उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ जैसी अंग्रेजी कविताएँ बच्चों को झूठ बोलना सिखाती हैं। मंत्री ने बच्चों को हिंदी कविताएँ सिखाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे बच्चों में संस्कार आते हैं।
कानपुर नगर में आयोजित #शिक्षामित्र_सम्मान_समारोह को संबोधित करते हुए |@narendramodi @AmitShah @NitinNabin @myogiadityanath @mppchaudhary @BJP4India @BJP4UP @UPGovt pic.twitter.com/Y6HDVMCSjN
— Yogendra Upadhyaya (@YogendraUpadhy) May 5, 2026
दरअसल, 05 मई 2026 को मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कानपुर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। इस मौौके पर उन्होंने 12 शिक्षामित्रों को मानदेय वृद्धि के डेमो चेक प्रदान कर सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जब शिक्षक गुरु की भूमिका में आता है, तभी वह शिक्षा के साथ संस्कार दे पाता है। उन्होंने तर्क दिया कि ‘ईटिंग शुगर, नो पापा’ जैसी पंक्तियाँ बचपन से ही बच्चों के मन में झूठ बोलने का बीज बोती हैं।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति वाली ये अंग्रेजी कविताएँ वह संस्कार नहीं देती जिनकी आज की पीढ़ी को जरूरत है। उन्होंने उन हिंदी कविताओं को याद किया जिन्हें पढ़कर पुरानी पीढ़ियाँ बड़ी हुई और जिनमें जीवन के गहरे मूल्य समाहित थे।

