NCW की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट
NCW की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 18 और 19 अप्रैल को नासिक में पीड़ित महिलाओं, पुलिस अधिकारियों, TCS की आंतरिक समिति और अन्य लोगों से बातचीत की। रिपोर्ट में संस्थान के भीतर टॉक्सिक वर्क कल्चर, यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, पद के दुरुपयोग और हिंदू विरोधी माहौल का उल्लेख किया गया।
आयोग ने यह भी कहा कि शुरू में कई महिलाएँ सामाजिक बदनामी और दबाव के डर से शिकायत दर्ज कराने से हिचक रही थीं।
जाँच में POSH Act के पालन में गंभीर खामियाँ भी सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक नासिक और पुणे के लिए एक ही आंतरिक समिति बनाई गई थी, जो कानून के खिलाफ है। आयोग ने शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा और आरोपितों पर संबंधित BNS धाराओं में कार्रवाई समेत 25 सिफारिशें इसमें की हैं।
निदा खान को लेकर खुलासे
वहीं SIT अब मुख्य आरोपित निदा खान के वित्तीय लेन-देन की भी जाँच कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पुलिस ने उसकी बैंक पासबुक जब्त की है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि उसे किसी संगठन या समूह से आर्थिक मदद मिली थी या नहीं। इसके अलावा यह जाँच भी की जा रही है कि फरारी के दौरान किसने उसकी मदद की और वह किन लोगों के संपर्क में थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जाँच में यह भी सामने आया है कि निदा खान शिकायतकर्ता के घर जाकर नमाज और कलमा पढ़ना, हिजाब-बुर्का पहनना सिखाती थी। पुलिस के मुताबिक उसने पीड़िता को 171 मजहबी वीडियो भी भेजे थे ताकि पीड़ित इस्लामी तौर-तरीकों की ओर आकर्षित हो सकें।
AIMIM पार्षद से जुड़े घर पर चलेगा बुलडोजर
अब निदा खान की गिरफ्तारी हो चुकी है। कोर्ट ने उसे अग्रिम जमानत देने से मना कर दिया है। उधर ये खबर भी सामने आ रही है कि जिस घर में निदा खान करीब 25 दिनों तक छिपी रही, उस पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
यह घर AIMIM पार्षद मतीन माजिद पटेल से जुड़ा बताया जा रहा है। औरंगाबाद नगर निगम की जाँच में मकान अवैध निर्माण का पाया गया है।

