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अविलंब फायर करो, जो होगा मैं समझ लूँगा… कहने वाले ‘खान सर’ की सबने सुनी, पर रोशन आनंद की क्यों सुनवाई नहीं कर रही बिहार पुलिस?

पटना कोचिंग फायरिंग विवाद में पुलिस की जाँच में खान सर के गार्डों ने उनके आदेश पर फायरिंग की बात स्वीकार की। दूसरी ओर, रोशन आनंद का आरोप है कि उनकी दो शिकायतों पर अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई है। क्या बिहार पुलिस दोनों पक्षों के साथ समान मानदंड अपना रही है?

बिहार की राजधानी पटना में फायरिंग से शुरू हुआ ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ वाले खान सर उर्फ फैजल खान और ‘ज्ञान बिंदु’ कोचिंग वाले रोशन आनंद का विवाद अब जुबानी जंग में बदल गया है। पिछले दिनों खान सर, उनके स्टाफ और गार्ड को कोर्ट से राहत मिली थी। अब खान सर का एक पॉडकास्ट सामने आया है।

इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव पर अपहरण और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज थे। उसे पुलिस पहले से ही खोज रही थी। वहीं ऑपइंडिया को रोशन आनंद ने बताया है कि इस पॉडकास्ट में खान सर ने जिन मामलों का हवाला दिया है, उनमें उनके भाई को अदालत कुछ साल पहले ही बरी कर चुकी है।

उल्लेखनीय है कि प्रिंस यादव का शव नेपाल के विराट नगर के एक होटल में मिला था। उस समय 2 जून 2026 को हुए फायरिंग विवाद के मामले में रोशन आनंद जेल में बंद थे। ऑपइंडिया को रोशन आनंद ने बताया है कि जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने 17 जून और फिर 19 जून 2026 को पटना के कदमकुआँ थाना में शिकायत दी थी। लेकिन पुलिस उनकी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल कर रही है। उन्होंने इस संबंध में बिहार के मुख्यमंत्री और राज्य के पुलिस महानिदेशक को मेल भी किया है। रोशन आनंद का कहना है कि करीब 10 दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें इसका जवाब नहीं मिला है।

क्या है खान सर और रोशन आनंद का मामला?

2 जून 2026 की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में कोचिंग विवाद में फायरिंग की बात सामने आई थी। खान सर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने मीडिया को बताया था कि ‘आठ-दस राउंड फायरिंग’ होते उन्होंने खुद देखा है। गौरतलब है कि खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग मुसल्लहपुर हाट के किसान कोल्ड स्टोरेज में अगल-बगल ही स्थित है।

इस घटना को लेकर 2 जून को ही कन्हैया कुमार सिंह ने कदमकुआँ थाने में शिकायत दी। सिंह, खान ग्लोबल स्टडीज का प्रबंधन देखते हैं। शिकायत में उन्होंने दावा किया,

दिनांक 02.06.2026 को करीब रात 10:00 बजे तक क्लास चलने के बाद कोचिंग बंद किया गया था। उसी समय 10:10 बजे के समय मेरे कोचिंग का गार्ड चुनचुन, उम्र 25 वर्ष, को ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद के कहने पर अभिषेक और प्रिंस (रोशन आनंद का भाई) तथा उसका स्टाफ रोशन एवं गौरव के साथ करीब 15-20 लड़के अचानक मेरे कोचिंग के गेट पर आया और गार्ड को खींचकर मारपीट करने लगे, जिससे उसका सिर फट गया।

इस शिकायत में तोड़फोड़, गाली-गलौज, खान ग्लोबल स्टडीज का बोर्ड, खान सर का फोटो फाड़ने की बात कही गई थी। दो दिन के भीतर कोचिंग को बम से उड़ा देने की धमकी देने की बात कही गई थी। बताया गया था कि बिहार पुलिस सिपाही भर्ती में खान सर के कोचिंग के ज्यादा बच्चों का चयन होने को लेकर ये विवाद हुआ।

फायरिंग की खबरों ने कैसे पकड़ा जोर?

कन्हैया सिंह की शिकायत के आधार पर 2 जून को ही केस दर्ज किया गया। इसकी संख्या- 410/26 है। आप ऊपर इस शिकायत के बारे में पढ़ चुके हैं। इसमें कहीं भी फायरिंग की बात नहीं कही गई है।

ऐसे में सवाल उठता है कि फिर फायरिंग की खबरों ने क्यों जोर पकड़ लिया? इसका जिम्मेदार खान सर का वह बयान है, जिसमें उन्होंने खुद आठ से दस राउंड फायरिंग होने का दावा किया था। इसके बाद कुछ वीडियो भी वायरल हुए थे, जिसमें गार्ड फायरिंग करते दिखे थे।

खान सर ने दिया फायरिंग का आदेश

कदमकुआँ थाना के आरक्षी निरीक्षक अनिल कुमार 4 जून को घटनास्थल पर जाकर जाँच की। इसकी कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। इसके आधार पर एक केस 418/26 दर्ज की गई है। इसमें बताया गया है कि जाँच के दौरान पता चला कि वायरल वीडियो में फायरिंग कर रहे प्रदीप सिंह और तालबर सिंह, दोनों खान सर के निजी गार्ड हैं। खान सर ने खुद भी इनकी पहचान की पुष्टि पुलिस के सामने की और बताया कि उनके हाथ में दिख रहे हथियार लाइसेंसी हैं।

पूछताछ में प्रदीप और तालबर ने पुलिस को बताया कि 2 जून की रात विवाद होने के बाद खान सर के साथ वे दोनों ऑफिस से बाहर आए थे। खान सर ने उनसे कहा,

देख क्या रहे हो। भीड़ पर अविलंब फायर करो। जो होगा मैं समझ लूँगा।

गार्ड ने पूछताछ में खान सर के आदेश के बाद फायरिंग करने की बात कही। इसके बाद जाँच रिपोर्ट में दोनों गार्डों के अलावा खान सर और कुछ अज्ञातों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की गई है। इसके आधार पर खान सर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।

इस रिपोर्ट में भी ज्ञान बिंदु कोचिंग के लोगों की तरफ से फायरिंग करने की कोई बात नहीं की गई है। इसमें भी खान ग्लोबल स्टडीज के गार्ड चुनचुन के साथ मारपीट, बैनर फाड़ने और हो-हल्ला होने की बात फायरिंग करने वाले खान सर के दोनों गार्ड के हवाले से कही गई है।

खान सर के झूठ से खड़ा होता है रोशन आनंद का सवाल

ऑपइंडिया को रोशन आनंद ने बताया कि उनकी गिरफ्तारी, उन्हें जेल में धमकी देने और उनके भाई की संदिग्ध मौत एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। यह सब कुछ इसलिए हुआ, क्योंकि खान सर ने आठ-दस राउंड फायरिंग का झूठ बोला।

उन्होंने बताया कि जमानत मिलने और भाई के अंतिम संस्कार के बाद इस संबंध में पटना पुलिस के पास वे दो बार औपचारिक शिकायत दर्ज करा चुके हैं। पहली शिकायत उन्होंने 17 जून 2026 को कदमकुआँ थाने में दी थी। इसकी कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है।

इसमें उन्होंने बताया है कि 2 जून की रात उनके और खान सर के कोचिंग स्टाफ के बीच पोस्टर हटाने को लेकर मामूली सा विवाद और मारपीट की घटना हुई थी। उस समय मौके पर न वे खुद थे और न उनके भाई प्रिंस तथा अभिषेक। न ही इस घटना को लेकर उनके पास कोई जानकारी थी। लेकिन खान सर, किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक डॉक्टर रमाशंकर प्रसाद और खान ग्लोबल स्टडीज के मैनेजर कन्हैया कुमार सिंह व अन्य ने आपराधिक साजिश करते हुए पहले खुद फायरिंग करवाई, फिर मीडिया के सामने इसका आरोप उन पर लगाते हुए केस दर्ज करवा दिया। रोशन आनंद ने कहा है कि इनलोगों ने उसके बाद अपने रसूख का इस्तेमाल कर उन्हें जेल भिजवा दिया।

शिकायत में रोशन आनंद ने यह भी दावा किया है कि इनलोगों ने 13 जून 2026 को जेल के भीतर उन्हें जान से मरवाने की धमकी भी दिलवाई। साथ ही गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहे उनके 24 वर्षीय भाई प्रिंस की हत्या करवा दी, जिसका शव 13 जून को नेपाल के विराटनगर में एक होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था।

जमानत मिलने के बाद रोशन आनंद 15 जून को जेल से बाहर निकले थे। इसी दिन उनके भाई का अंतिम संस्कार भी हुआ था।

रोशन आनंद ने ऑपइंडिया को बताया कि पुलिस ने यह कहते हुए उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने और जाँच से इनकार कर दिया कि उनको धमकी देने और उनके भाई की मौत का मामला कदमकुआँ थाना क्षेत्र से बाहर का है। रोशन आनंद का दावा है कि कदमकुआँ थाना प्रभारी जनमेजय राय ने उनसे कहा कि वे केवल 2 जून की घटना को लेकर शिकायत दें तभी जाँच होगी।

इसके 2 दिन बाद 19 जून को रोशन आनंद ने एक नई शिकायत कदमकुआँ पुलिस को दी। इसकी कॉपी भी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। इसमें खान सर सहित 6 लोग आरोपित बनाए गए हैं। कहा गया है कि ये लोग हथियारों के साथ उनके कोचिंग के पास आए। ज्ञान बिंदु के स्थायी बैनर के ऊपर खान ग्लोबल स्टडीज का बैनर लगा दिया। जब उनके स्टाफ ने इसका विरोध किया तो खान सर आगबबूला हो गए। कथित तौर पर उन्होंने कहा- गोली मारकर सबकी हत्या कर दो। रोशन आनंद के अनुसार इसके बाद ही उनके गार्डों ने फायरिंग की, जिसका वीडियो वायरल हुआ था।

इस शिकायत में रोशन आनंद ने आरोपितों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई की गुहार पुलिस से लगाई है। लेकिन रोशन आनंद ने ऑपइंडिया को बताया कि उनकी इस शिकायत पर भी अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है। उनसे कहा गया है कि इस मामले की जाँच पुलिस पहले से ही कर रही है।

रोशन आनंद की शिकायतों पर क्या कर रही पटना पुलिस?

रोशन आनंद की शिकायतों और इस मामले की जाँच में हुई प्रगति जानने लिए ऑपइंडिया ने कदमकुआँ थाने के प्रभारी जनमेजय राय को फोन किया। उन्होंने कहा;

उन दोनों (खान सर और रोशन आनंद) के मैटर में यहाँ से अब कोई कमेंट नहीं। आप सीनियर अधिकारियों से संपर्क करिए। आपको जो भी पूछना है सीनियर अफसर से ही पूछिए। जो भी देना होता है यहाँ से हम लोग उनको बता देते हैं। अब क्या देना है, क्या नहीं, वे लोग जानें। इस मैटर में हमसे कोई बात नहीं करिए।

इतना कुछ कहने के बाद थाना प्रभारी राय ने झट से कॉल काट दिया। इसके बाद हमने पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा को भी फोन किया। लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया। उनसे बातचीत होने पर हम इस खबर को अपडेट करेंगे।

पटना कोचिंग फायरिंग विवाद में अब तक हम क्या जानते हैं?

ऑपइंडिया की पड़ताल से पटना के चर्चित कोचिंग फायरिंग में कुछ बातें स्पष्ट हैं। ये हैं;

  • 2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग के लोगों के बीच विवाद हुआ था।
  • ज्ञान बिंदु के लोगों की तरफ से फायरिंग का अब तक कोई तथ्य सामने नहीं आया है।
  • खान सर ने झूठ बोला था कि उन्होंने खुद आठ से दस राउंड फायरिंग होते देखा है।
  • फायरिंग करने वाले खान सर के ही गार्ड थे। दोनों ने दो-दो राउंड फायरिंग की। उन्होंने फायरिंग खान सर के आदेश पर की।
  • खान ग्लोबल स्टडीज के मैनेजर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ज्ञान बिंदु के संचालक रोशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन खान सर के गार्ड की गिरफ्तारी मामले के तूल पकड़ने और जाँच आगे बढ़ने के बाद हुई। फायरिंग का आदेश देने वाले खान सर अग्रिम जमानत पाने में कामयाब रहे।

ऑपइंडिया की बात

हमारी मंशा बिहार पुलिस या कोर्ट की भूमिका पर संदेह करना नहीं है। लेकिन इस मामले की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करना व्यवस्था का ही काम है। रोशन आनंद जेल में खुद को धमकी दिए जाने और अपने भाई की मौत को संदिग्ध बता रहे हैं तो उनकी समुचित सुनवाई भी इसी व्यवस्था का काम है। खान सर के मीडिया में दिए गए बयान और उनके मैनेजर की शिकायत पर फौरन कार्रवाई करते हुए रोशन आनंद को गिरफ्तार करने वाली पुलिस ‘सीनियर से बात करिए’ कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।

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अजीत झा
अजीत झा
संपादक, ऑपइंडिया (हिंदी)

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