मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला के परिसर में रविवार (17 मई 2026) को पहली बार देवी सरस्वती की मूर्ति स्थापित कर विशेष पूजा की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग पूजा में शामिल हुए। भोजशाला उत्सव समिति ने परिसर के बाहर पोस्टर लगाकर कहा कि गैर-हिंदुओं का प्रवेश बंद रहेगा। समिति के सदस्य गोपाल शर्मा ने बताया कि केवल तिलक लगाए और भगवा गमछा पहने लोगों को ही अंदर आने दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुबह पूजा से पहले गंगाजल और गौमूत्र से परिसर को साफ और पवित्र किया गया। इसके बाद देवी वाग्देवी की पूजा और आरती हुई। बाहर स्थित मंदिर से लाई गई अखंड ज्योति भी गर्भगृह में स्थापित की गई। केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने परिसर में भगवा झंडा फहराया।
हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने ASI की रिपोर्ट के आधार पर भोजशाला को सरस्वती मंदिर माना था। इसके बाद ASI ने हिंदुओं को यहाँ बिना रोक-टोक पूजा की अनुमति दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार भोजशाला को फिर से भव्य रूप देगी।

