महिलाओं को ₹3000, फ्री बस सेवा और 7वें वेतन आयोग को मंजूरी: बंगाल में ‘पोरिबर्तन’ की राह पर शुभेंदु सरकार, दूसरी कैबिनेट बैठक में लिए अहम फैसले

पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार लगातार तेजी से बड़े फैसले ले रही है। दूसरी कैबिनेट बैठक में सरकार ने आम लोगों, खासकर महिलाओं और कर्मचारियों को राहत देने वाले कई अहम फैसलों को मंजूरी दी। सबसे बड़ा फैसला ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ को लेकर हुआ है। इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

सरकार ने साफ किया है कि 1 जून से यह योजना लागू कर दी जाएगी। सरकार ने यह भी कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को अब अन्नपूर्णा योजना का फायदा मिलेगा। जिन महिलाओं को अभी तक लाभ नहीं मिला है, उनके लिए जल्द ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा। खास बात यह है कि जिन लोगों ने CAA के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है और जिनके मामले ट्रिब्युनल में लंबित हैं, उन्हें भी अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिलेगा।

सरकार ने महिलाओं के लिए एक और बड़ा ऐलान करते हुए 1 जून से सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि इससे लाखों महिलाओं को रोजमर्रा के खर्च में राहत मिलेगी।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने 7वें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी है, जिससे सरकारी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में बढ़ोंतरी का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से कर्मचारी इसकी माँग कर रहे थे।

धर्म आधारित सहायता योजनाएँ होंगी बंद

वहीं शुभेंदु सरकार की कैबिनेट ने पुरानी सरकार से चली आ रही कुछ योजनाओं को बंद करने का भी फैसला लिया है। मौजूदा सरकार अब मदरसा विभाग और सूचना एवं सांस्कृतिक विभाग के तहत चल रही धर्म आधारित सहायता योजनाओं को बंद करने जा रही है। अगले महीने से ऐसी कई योजनाएँ बंद कर दी जाएँगी। वहीं कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले के बाद मौजूदा OBC सूची की दोबारा समीक्षा कराने की तैयारी भी शुरू हो गई है।