कर्नाटक के भटकल में इस्लामी भीड़ ने ‘मूरीना कट्टे’ में की तोड़फोड़, हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन: अब तक 6 गिरफ्तार

कर्नाटक के भटकल कस्बे में रविवार (24 मई 2026) को सांप्रदायिक तनाव फैल गया। यहाँ नेशनल हाईवे-66 के पास वेंकटापुर इलाके में दोबारा बनाए गए ‘मूरीना कट्टे’ में मुस्लिम भीड़ द्वारा तोड़फोड़ किए जाने का मामला सामने आया।

इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अब तक 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है और 4 FIR दर्ज की गई हैं। करवार के पुलिस अधीक्षक एमएन दीपान ने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी और फिलहाल क्षेत्र में स्थिति शांत है।

क्या है पूरा मामला?

मूरीना कट्टे भटकल के जगते कट्टे इलाके में स्थित हिंदू समाज का एक धार्मिक स्थल है। यह कई वर्षों से वहाँ मौजूद था, लेकिन नेशनल हाईवे चौड़ीकरण परियोजना के दौरान इसे हटा दिया गया था। बाद में हिंदू कार्यकर्ताओं ने इसे दोबारा बनाया, जिसका कुछ मुस्लिम संगठनों ने विरोध किया और इसे हटाने की माँग की।

रिपोर्ट्स के अनुसार, रात में बड़ी संख्या में मुस्लिम युवक मौके पर पहुँचे, नारेबाजी की, सड़क जाम कर दी और पुलिस की मौजूदगी में अस्थायी ढाँचे को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान पुलिस और भीड़ के बीच तीखी बहस हुई और कुछ पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की गई।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। भाजपा की कर्नाटक इकाई ने आरोप लगाया कि पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। पार्टी ने इसके लिए कॉन्ग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

हिंदू संगठनों का आरोप

हिंदू संगठनों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने ‘देवरा कट्टे’ को हटाते समय भरोसा दिया था कि सड़क चौड़ीकरण के बाद इसे पास में दोबारा बनाया जाएगा। संगठनों के मुताबिक प्रशासन ने जमीन देने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद छोटा मंदिर बनाया गया।

उनका आरोप है कि मुस्लिम समूह इसका विरोध कर रहे हैं, जबकि यह हाईवे के किनारे स्थित धार्मिक स्थल है। हिंदू जागरण वेदिके से जुड़े भाजपा नेता गोविंद नाइक ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि जब पूरा शहर अलवेकोडी में 10 लोगों की डूबने से हुई मौत पर शोक मना रहा था, उसी समय कुछ लोग सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया है। कर्नाटक स्टेट रिजर्व पुलिस (KSRP) की 9 प्लाटून और जिला सशस्त्र रिजर्व (DAR) की 3 प्लाटून भटकल भेजी गई हैं। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

उत्तर कन्नड़ जिला प्रशासन ने भटकल नगरपालिका और जाली टाउन पंचायत क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत 25 मई सुबह 6 बजे से 27 मई सुबह 6 बजे तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इस दौरान पाँच से अधिक लोगों के एकत्र होने, सार्वजनिक सभाओं और प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है।