उत्तर प्रदेश के हरदोई में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रहा विवाद अब संगठनात्मक कार्रवाई तक पहुँच गया है। सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली से जुड़े एक ऑडियो और वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए जिले की पूरी कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से जारी आदेश में जिला अध्यक्ष समेत सभी जिला पदाधिकारियों और अलग-अलग विभाग की टीमों को समाप्त करने की बात कही गई है।
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो और ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें शराफत अली अपनी ही पार्टी की पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी समेत महिला नेताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहे थे।
हरदोई में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शराफत अली पर महिलाओं से बदतमीजी का आरोप लगा है। एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला गरमा गया है। वीडियो में पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी तथा उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। पूर्व… pic.twitter.com/VqjzNIkTVR
— प्रकाश नारायण द्विवेदी हिंदू (@PrakashD22) June 13, 2026
मामले को लेकर पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी ने नाराजगी जताते हुए इसे पार्टी नेतृत्व के सामने उठाने की बात कही। उनके परिवार की ओर से भी वायरल सामग्री की जाँच और उचित कार्रवाई की माँग की गई।
पूर्व सांसद ऊषा वर्मा ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए महिलाओं और सेना में सेवा देने वाली बेटियों को लेकर टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। दूसरी ओर शराफत अली ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए वायरल ऑडियो-वीडियो को एडिटेड और भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुँचाने और दबाव बनाने के उद्देश्य से यह सामग्री फैलायी गई है।

