कॉन्ग्रेस शासित तेलंगाना के हैदराबाद के नेरेडमेट इलाके में गुरुवार (18 जून 2026) की देर रात ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) ने पुलिस बल की मौजूदगी में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई की। प्रशासन का कहना है कि प्रतिमा आवश्यक अनुमति के बिना स्थापित की गई थी।
हालाँकि, देर रात भारी सुरक्षा के बीच की गई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और समर्थकों ने सवाल उठाए हैं। प्रतिमा हटाने के लिए स्थानीय पुलिस, स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) और सशस्त्र पुलिस को तैनात किया गया। मौके पर क्रेन की मदद से प्रतिमा को हटाकर दूसरी जगह ले जाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि प्रतिमा स्थापना के लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों और समर्थकों का कहना है कि इस तरह देर रात भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई किए जाने से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँची और प्रशासन को पहले संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए था।
विरोध कर रहे लोगों को हिरासत में लिया गया, इलाके में बना तनाव
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने प्रतिमा हटाने का विरोध किया और मौके पर जमा होकर इसे रोकने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया। कुछ समय तक इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।
प्रशासन ने कहा कि प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार होगी। फिलहाल नेरेडमेट में स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है लेकिन इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष है।

