पैर छूने के बहाने सांसद को गोलियों से भून डाला, फिर उनकी लाश पर चढ़कर मनाया जश्न: 2007 के नक्सली हमले में शामिल रही शकुंतला महतो ने किया सरेंडर

झारखंड के तत्कालीन सांसद सुनील महतो की हत्या में शामिल रही कुख्यात नक्सल महिला कमांडर शकुंतला महतो उर्फ पुष्पा ने आखिरकार हथियार डाल दिए हैं। शकुंतला का नाम 4 मार्च 2007 को हुए चर्चित सुनील महतो हत्याकांड से जुड़ा है। उस दिन घाटशिला के बाघुड़िया फुटबॉल मैदान में नक्सलियों ने तत्कालीन सांसद सुनील महतो, उनके अंगरक्षकों समेत 4 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले के बाद शकुंतला ने सांसद के शव की छाती पर चढ़कर उस हत्या का जश्न मनाया था। घटना के बाद वह सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल हो गई थी।

करीब 25 सालों तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बनी रही 10 लाख रुपए की इनामी शकुंतला ने बुधवार (17 जून 2026) को कोलकाता के लालबाजार पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। उसके पास से 46 राउंड कारतूस और अत्याधुनिक हथियार भी बरामद हुए हैं।

पश्चिम बंगाल के झारग्राम जिले के मेचुआ गाँव की रहने वाली शकुंतला महज 10 साल की उम्र में नक्सली संगठन से जुड़ गई थी। वह संगठन में परी और वर्षा जैसे नामों से सक्रिय रही।

नक्सल नेता किशनजी की करीबी मानी जाने वाली शकुंतला झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में कई नक्सली गतिविधियों में शामिल रही। उसके आत्मसमर्पण को नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।