दिल्ली हाई कोर्ट ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायपालिका से जुड़ी फर्जी खबरों पर सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसी सामग्री 24 घंटे में हटाने का निर्देश दिया है।
मामला उन खबरों और सोशल मीडिया पोस्टों से जुड़ा है, जिनमें दावा किया गया था कि CJI, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के 100 से ज्यादा जज तथा केंद्रीय कानून मंत्री 7 जून 2026 को लंदन में आयोजित एक बैडमिंटन चैंपियनशिप में शामिल हुए थे। इन दावों के आधार पर न्यायपालिका की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल उठाए जा रहे थे।
भारतीय बैडमिंटन संघ ने इन खबरों को झूठा बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें लंदन की नहीं, बल्कि 29 नवंबर 2025 को दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में हुए बार और बेंच बैडमिंटन टूर्नामेंट की थीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि CJI ने कभी भी लंदन में किसी बैडमिंटन प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया। जस्टिस तेजस करिया ने कहा कि यह सामग्री पहली नजर में झूठी, दुर्भावनापूर्ण और न्यायपालिका की छवि खराब करने वाली है।
अदालत ने माना कि यह एक सुनियोजित गलत सूचना अभियान का हिस्सा है। कोर्ट ने सभी सोशल मीडिया कंपनियों को 24 घंटे के भीतर ऐसे पोस्ट, वीडियो और लेख हटाने का आदेश दिया और लोगों को भी इस तरह की सामग्री साझा करने से रोक दिया।

