ममता बनर्जी नहीं रहीं ‘असली TMC’ की अध्यक्ष? बागी विधायकों ने अरूप रॉय को चुना अपना लीडर: जानें कौन हैं पार्टी के ये जमीनी नेता?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद से ही ममता बनर्जी के दिन खराब चल रहे हैं। ममता बनर्जी की पार्टी TMC अलग-थलग हो गई है। तीन खेमों बँटी पार्टी ने अपना अलग-अलग अध्यक्ष चुन लिया है। बागी विधायकों वाले गुट ने ममता बनर्जी की जगह पर विधायक अरूप रॉय को अपना नया अध्यक्ष चुना है। बागी विधायकों ने अपने दल को ‘असली TMC’ बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार (22 जून 2026) को TMC के बागी विधायक गुट की कोलकाता में बैठक हुई। बैठक की अगुवाई ऋतब्रत बनर्जी ने की, जिन्होंने ममता बनर्टी को पार्टी अध्यक्ष के पद से हटा दिया और उनकी जगह हावड़ा जिले के विधायक अरूप रॉय को अपना नया लीडर चुना।

बैठक में फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। रिताब्रता बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा को जनरल सेक्रेटरी बनाया गया, जबकि अखरुज्जमान अंसारी को ट्रेजरर की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई बनी कमेटी ने पार्टी के फ़ाइनेंस की जाँच के लिए एक इंडिपेंडेंट ऑडिटर नियुक्त करने का फ़ैसला भी किया।

कौन है अरूप रॉय?

अरूप रॉय पश्चिम बंगाल की राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह TMC के पुराने और प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं। हावड़ा जिले में पार्टी का मजबूत संगठनात्मक आधार खड़ा करने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। रॉय लगातार चार बार हावड़ा मध्य विधानसभा सीट से विधायक चुने जा चुके हैं। वह पश्चिम बंगाल सरकार में सहकारिता मंत्री भी रह चुके हैं और लंबे समय तक हावड़ा जिला TMC अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं।

साल 2026 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने हावड़ा मध्य सीट से जीत दर्ज की। चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी उम्र 70 वर्ष है, वे ग्रेजुएट प्रोफेशनल हैं और पेशे से वकील रहे हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। चुनावी दस्तावेजों में उनकी कुल संपत्ति लगभग ₹4.9 करोड़ रुपये बताई गई है।