गाजियाबाद के लोनी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में एक मुस्लिम डॉक्टर नदीम ने दिल्ली की रहने वाली मरीज नूर सबा की गलत नस काट दी। जब नूर ने विरोध किया तो डॉक्टर ने कहा- ये अल्लाह की मर्जी है। यहाँ तक कि डॉक्टर ने परिवार को ₹500-1000 लेकर चुप रहने की भी बात कही।
‘दिल्ली अपडेट’ नाम के यूट्यूब चैनल में यह मामला सामने आया। दरअसल दिल्ली के शाहदरा स्थित करदम पुरी की रहने वाली नूर सबा ने लोनी स्थित अलवी नर्सिंग होम में गॉल ब्लैडर का इलाज करने पहुँची थी। उन्होंने बताया कि 17 फरवरी 2026 को ऑपरेशन हुआ था। लेकिन 15-20 दिन बाद दोबारा समस्या शुरू हुई और नूर सबा उसी नर्सिंग होम में इलाज कराने पहुँची।
नर्सिंग होम में चेकअप के बाद नूर सबा को बताया गया कि उन्हें पीलिया हो गया है। यहाँ नर्सिंग होम में नूर सबा को दो दिन एडमिट रखा गया लेकिन इलाज के दौरान पीलिया होने का कोई कारण नहीं बताया इसीलिए वे अन्य अस्पताल में इलाज कराने पहुँची। यहाँ पता लगा कि ऑपरेशन के दौरान उनकी नस कट गई थी इसीलिए उन्हें पीलिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इस अस्पताल में नस का ऑपरेशन किया और नूर ठीक हो गई।
नूर को जब पता लगा कि लोनी के नर्सिंग होम में उनकी नस काट दी गई थी, तो वह जवाबदेही के लिए अस्पताल पहुँची। यहाँ डॉक्टर नदीम और उनके साथियों ने नूर सबा से कहा कि ‘ये अल्लाह की मर्जी है।’ नूर बताती हैं कि जब उन्होंने डॉक्टर से कहा कि अगर उनकी मौत हो जाती तो? इस पर डॉ. नदीम ने कहा- ये भी अल्लाह की मर्जी है। नूर ने जब विरोध किया तो ₹500-₹1000 लेकर मामला खत्म करने की बात कही।
यह मामला बेहद संवेदनशील है। जहाँ आम लोग अस्पताल में डॉक्टर के पास खुद को स्वस्थ करने जाते हैं, वहाँ ऐसी लापरवाही सवाल खड़े करती है। इतना ही हीं जिस डॉक्टर पर भरोसा करके मरीज इलाज के लिए गया है वही डॉक्टर अपनी गलती को छिपाने के लिए ‘अल्लाह’ का नाम ले लेता है।

