खान सर को नहीं मिली अग्रिम जमानत, गिरफ्तारी पर 3 जुलाई तक रोक जारी: गोली चलाने वाले दोनों बॉडीगार्ड के लाइसेंसी हथियारों पर कोर्ट ने पूछे सवाल

पटना के चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर को अग्रिम जमानत अभी तक नहीं मिली है। हालाँकि कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक को बरकरार रखा है। 3 जुलाई तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकती है। उनकी अग्रिम जमानत अर्जी पर 3 जुलाई को सुनवाई होगी। दोनों बॉडीगार्ड की जमानत याचिका पर भी 3 जुलाई को सुनवाई होगी।

कोर्ट में सुनवाई के बाद फैजल खान के वकील अरविंद कुमार मव्वार ने कहा, “सभी जमानत अर्जियों पर एक साथ सुनवाई हुई। रेगुलर जमानत अर्जी के बारे में सरकारी वकील ने कहा कि प्रदीप कुमार (खान सर के सिक्योरिटी गार्ड) का लाइसेंस सिर्फ यूपी के लिए वैलिड था और बिहार के लिए कोई लाइसेंस नहीं लिया गया था। हालाँकि बचाव पक्ष ने एक सप्लीमेंट्री हलफनामा दायर किया है, जिसमें दिखाया गया है कि उनके पास उत्तर प्रदेश के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी ट्रैवलिंग लाइसेंस था।”

सुनवाई के दौरान पटना की अदालत ने खान सर के दोनों सुरक्षा कर्मियों के आर्म्स लाइसेंस (हथियार लाइसेंस) का पूरा विवरण माँगा। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने उनके दो बॉडीगार्ड के हथियार लाइसेंस से जुड़े पेपर और तथ्यों के बारे में कोर्ट को जानकारी दी।

दरअसल कोर्ट जानना चाहता है कि जिन हथियारों से फायरिंग हुई, वे वैध लाइसेंस वाले थे या नहीं। हथियारों का इस्तेमाल लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप हुआ या नहीं। सुरक्षा कर्मियों को हथियार चलाने की कानूनी आवश्यकता और परिस्थितियां क्या थीं। यदि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है तो लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है।

कोर्ट में सरकारी वकील ने अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि दोनों बॉडीगार्ड के हथियारों के लाइसेंस को लेकर गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। इसी आधार पर अदालत से फिलहाल अग्रिम जमानत नहीं देने का अनुरोध किया गया।

क्या था मामला

यह पूरा मामला 2 जून की रात का है। खान ग्लोबल अकादमी के बाहर फायरिंग हुई थी। पहले इसका आरोप दूसरे कोचिंग संचालक पर लगा था। लेकिन पुलिस जाँच में खुलासा हुआ कि हवाई फायरिंग खान सर के ही गार्ड ने की थी। इसके बाद पुलिस ने उनके 2 बॉडीगार्ड को गिरफ्तार कर लिया।

तभी से खान सर पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। वह गिरफ्तारी पर रोक लगने से पहले अंडरग्राउंड चल रहे थे। हालाँकि उन्हें अग्रिम बेल नहीं मिली है।