समाजवादी पार्टी के अंदरखाने में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। बीते एक हफ्ते में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में समाजवादी पार्टी के नेता कभी मुखिया अखिलेश यादव के सामने अनाप-शनाप बातें तो कभी उनके खिलाफ नारेबाजी करते दिख रहे हैं। पार्टी में MY समीकरण हावी हो रहा है। इसके 2 हालिया उदाहरण सामने आए हैं, जिसमें सपा की महिला सांसदों को यादव-मुस्लिम नेताओं के हाथों सार्वजनिक रूप से बेईज्जत होना पड़ा।
पिछले हफ्ते पीडीए की बैठक में मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा को न बुलाने और कार्यक्रम में पोस्टर और बैनर से उनका फोटो हटाने का विवाद गरमाया। इसके बाद लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बैठक बुलाई जिसमें मुरादाबाद के 5 बड़े नेताओं को शामिल किया गया।
बैठक में शामिल राज्यसभा सांसद जावेद अली, पूर्व मंत्री और विधायक कमाल अख्तर, जिला अध्यक्ष जयवीर यादव और पूर्व विधायक युसूफ अंसारी के सामने सांसद रुचि वीरा ने अपनी शिकायत रखी और इसके पीछे कमाल अख्तर की भूमिका की बात भी कह डाली।
हालाँकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बैठक में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने ही रुचि वीरा और कमाल अख्तर के बीच तीखी बहस हुई। इसके बाद रुचि वीरा ने कमाल अख्तर पर कार्रवाई की माँग कर डाली।
हालाँकि इसके बाद मंगलवार (30 जून 2026) को कमाल अख्तर ने अपने मुख्य सचेतक के पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे ने एक बार फिर यह जता दिया कि रुचि वीरा के साथ हुए उनके विवाद केवल बहस नहीं थी, बल्कि यह मामला अब संगठनात्मक स्तर तक पहुँच चुका है।
ब्रेकिंग न्यूज। लखनऊ
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) June 30, 2026
समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख़्तर ने विधानमंडल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है। कमाल अख़्तर मुरादाबाद की कांठ सीट से विधायक हैं। उनके इस्तीफे के बाद सपा विधानमंडल दल में नई राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पिछले दिनों सांसद रुचि वीरा से उनकी अनबन के… pic.twitter.com/e8lvHJkv9C
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के बांदा में समाजवादी पार्टी की बैठक हुई, जिसमें सांसद कृष्णा देवी और विधायक विशंभर यादव के बीच विवाद हो गया। इस दौरान विधायक ने सांसद कृष्णा देवी को उंगली दिखाते हुए तमीज से बात करने का ज्ञान दे डाला। लगभग आधे घंटे तक चली इस गहमागहमी दौरान सपा कार्यकर्ता दोनों को शांत करने की जद्दोजहद में लग रहे।
बांदा वाला मामला अब तक ठंडा नहीं हुआ था कि तीसरा मामला प्रयागराज से आ गया। जहाँ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पहुँचने पर अंजान आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाये और ‘गो बैक’ के नारे लगाए।
इसके बाद सपा के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने गुंडई दिखानी शुरू कर दी और काला झंडा दिखा रहे अंजान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आशीष दुबे और भदोही के जिला अध्यक्ष की जमकर पिटाई कर दी। पुलिस के पहुँचने पर मामला शांत हुआ।
यह सभी घटनाएँ समाजवादी पार्टी के अंदर चल रही उठापटक को जनता के सामने लेकर आ रही हैं। रुचि वीरा और सांसद कृष्णा देवी के साथ चल रहे विवाद समाजवादी पार्टी के लिहाज से इस बात को जनता के सामने लेकर आ रहे हैं कि सपा में महिला जनप्रतिनिधि की भूमिका कुछ खास बेहतर स्थिति में नहीं है।

