मजहबी टकराव, टूटा निकाह और सामाजिक बहिष्कार… बदले की आग में जल रहे फैय्याज ने बनाया था हजारों शियाओं को मारने का प्लान, कैप्सूल में भरकर मुहर्रम जुलूस में बाँटा जहर

मुंबई पुलिस की जाँच में मुहर्रम जुलूस के दौरान जहरीले कैप्शूल बाँटने के मामले में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब सामने आया है कि आरोपित फय्याज ने विशेष रूप से शिया समुदाय को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। जाँच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा मामला बदले की भावना, सामाजिक अलगाव और व्यक्तिगत तनाव से जुड़ा हुआ दिखाई दे रहा है।

शिया समुदाय से टकराव और व्यक्तिगत नाराजगी

सामने आया है कि फैय्याज की शिया समुदाय के प्रति नाराजगी एक दिन में नहीं बनी, बल्कि कई सालों के सामाजिक और व्यक्तिगत घटनाक्रमों का नतीजा थी। पुलिस के मुताबिक, उसने कुछ साल पहले समुदाय की मजहबी प्रथाओं का खुलकर विरोध किया था और पर्चे बाँटकर अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराई थीं।

इसके बाद कथित तौर पर मजहबी नेताओं और स्थानीय स्तर पर उसके परिवार को समुदाय से अलग-थलग कर दिया गया, जिसे उसने गंभीर अपमान और बहिष्कार के रूप में लिया।जाँच अधिकारियों का मानना है कि इस सामाजिक दूरी ने उसके मन में गुस्सा और अलगाव की भावना को और गहरा कर दिया।

परिवार पहले ही आर्थिक और भावनात्मक दबाव में था, और समुदाय से दूरी के बाद वह और अधिक अकेला पड़ गया। इसी दौरान उसके निकाह टूटने और पारिवारिक रिश्तों में तनाव ने भी उसकी मानसिक स्थिति को प्रभावित किया। पुलिस का कहना है कि इन सभी परिस्थितियों ने मिलकर उसके भीतर यह धारणा मजबूत कर दी।

उसे लगने लगा कि उसकी निजी परेशानियों और जीवन की असफलताओं के पीछे उसका ही समुदाय जिम्मेदार है। इसी सोच और लंबे समय से पनप रहे गुस्से के कारण उसने मुहर्रम जुलूस को निशाना बनाने की योजना बनाई और उसे बदले की कार्रवाई के रूप में देखा। उसके अब्बा ने भी शिया समुदाय के खिलाफ अभियान चलाया था।

पुलिस जाँच और मौजूदा स्थिति

पुलिस जाँच में खुलासा हुआ है कि आरोपित ने इस पूरी योजना को पहले से तैयार किया था और इसके लिए भारी मात्रा में जहरीला रसायन मंगवाया था। उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लगभग 30,000 खाली कैप्सूल और करीब 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड खरीदा था।

यह वही रसायन है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहों को मारने में किया जाता है। पूछताछ में सामने आया है कि उसने यूट्यूब वीडियो देखकर घर पर ही कैप्सूल भरने की प्रक्रिया सीखी और लंबे समय तक होटल के कमरे में रहकर तैयारी की।

गौरतलब है कि मुंबई के भायखला और डोंगरी इलाके में मुहर्रम जुलूस के दौरान आरोपित को संदिग्ध कैप्सूल बाँटते हुए पकड़ा गया। इसके बाद डोंगरी के एक होटल से उसकी गिरफ्तारी हुई, जहाँ से बड़ी मात्रा में तैयार कैप्सूल बरामद किए गए।

पुलिस ने बताया कि अब तक किसी आतंकी संगठन से संबंध नहीं मिले हैं, लेकिन मानसिक स्थिति और ऑनलाइन गतिविधियों की गहन जाँच की जा रही है। आरोपित अभी पुलिस हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ जारी है, जबकि मोबाइल और डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जाँच भी की जा रही है।