दिल्ली हाई कोर्ट (HC) ने आजतक की एंकर अंजना ओम कश्यप और यूट्यूब टीचर फैजल खान उर्फ खान सर के बीच चल रहे मानहानि विवाद में मध्यस्थता का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने खान सर को अंजना ओम कश्यप के बच्चों के स्कूल का नाम पब्लिक करने को लेकर भी फटकारा। कोर्ट ने बच्चों से जुड़ी जानकारी को खान सर की पोस्ट से हटाने के निर्देश दिए। अंजना ओम कश्यप के वकील ने कहा था कि बच्चों के स्कूल की जानकारी सामने आने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं।
दरअसल, मामले में गुरुवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि पूछा कि आखिर दोनों पक्ष विवाद को सुलझा क्यों नहीं रहे हैं? यह पूछते हुए कोर्ट ने कहा कि नुकसान तो हो ही चुका है और अब दोनों पक्ष मिलकर स्थिति को ‘संभाल’ ही सकते हैं। इसीलिए उन्होंने इस आपसी विवाद को सुलझाने के लिए गुरुवार (03 जुलाई 2026) शाम 4 बजे का समय तय किया है। इसके लिए सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव को मध्यस्थ बनाया गया है।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने कहा, “शायद ऐसा कहना ठीक नहीं है। आप किसी की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन आलोचना करने का तरीका मर्यादित होना चाहिए। मुझे लगता है कि ये आपकी बात का जवाब है, कश्यप। हो सकता है शिक्षकों ने ऐसी भाषा न बोली हो। उन हिस्सों को हटा दें।”
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब NEET पेपर लीक और CBSE की खामियों पर कवरेज करते हुए आजतक की एंकर अंजना ओम कश्यप ने ‘कोचिंग इंस्टीट्यूट माफियाओं’ पर अपने शो ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ में तंज कसा। अंजना ने यूट्यूब के टीचर्स के लिए ‘स्टार टीचर्स’ शब्द का प्रयोग करते हुए कहा था कि ये ‘दो-कौड़ी’ के टीचर्स हैं, जो सिर्फ एक्स्प्लेनर बनाकर व्यूज बँटोरते हैं।
इसके बाद खान सर ने अपनी क्लास में अंजना को जवाब देते हुए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था। खान सर ने अंजना ओम कश्यप के लिए ‘बिकाऊ पत्रकार’, ‘चाटूकार’, ’फर्जी खबरों की दुकान’, ’दलाली’ जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके बाद अंजना ओम कश्यप ने खान सर के खिलाफ ₹2 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दर्ज किया था।

