प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 जुलाई) राजस्थान के बालोतरा और जोधपुर का दौरा किया। उन्होंने राज्य को करीब 1.06 लाख करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का बड़ा तोहफा दिया। PM मोदी ने बालोतरा में देश की नई रिफाइनरी जनता को सौंपी।
साथ ही जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर राज्य के 54 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र मिले। PM मोदी ने जनसभा में कहा कि वे राजस्थान के स्नेह के ऋणी हैं। उन्होंने वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत के बढ़ते कूटनीतिक सामर्थ्य की भी बात कही।

‘चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी हो, नया भारत रुकता नहीं’: PM मोदी
PM मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया। यह मारवाड़ में पर्यटन और व्यापार को नई गति देगा। जोधपुर से ही ‘उड़ान योजना’ के नए चरण की शुरुआत हुई है। इससे छोटे और दूर-दराज के शहर हवाई सेवा से जुड़ेंगे। जयपुर में मेट्रो का विस्तार भी होने जा रहा है। PM ने कहा कि दो महीने पहले यहाँ हुए हादसे के बाद इतनी तेजी से काम पूरा करना दिखाता है कि नया भारत अपने संकल्पों से पीछे नहीं हटता है।

‘हमारे लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है, नागरिक देवो भवः हमारा मंत्र है’: PM मोदी
PM मोदी ने दुनिया में चल रहे युद्ध और ऊर्जा संकट पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े देश ईंधन की किल्लत से जूझ रहे हैं। लेकिन भारत ने सही समय पर कूटनीति का बेहतरीन इस्तेमाल किया। भारत पहले 25 देशों से ईंधन मँगाता था, लेकिन संकट के समय 40 से ज्यादा देशों से तेल आयात किया गया।

उन्होंने बताया कि सरकार ने जनता पर कोई बोझ नहीं पड़ने दिया। पेट्रोल-डीजल पर कंपनियों को 75 हजार करोड़ का घाटा हुआ। इस घाटे को सरकारी खजाने से पूरा किया गया। सरकार ने एक्साइज ड्यूटी भी 10 रुपए कम की। अफवाह और भ्रम फैलाने वालों को करारा जवाब मिला है।
‘शेखावाटी का जल संकट खत्म होगा, माँ के नाम लगेगा पौधा’
शेखावाटी क्षेत्र के लिए पानी का बड़ा ऐलान करते हुए PM मोदी ने कहा कि राजस्थान और हरियाणा सरकार मिलकर अब वहाँ पानी पहुँचाएँगी। हथिनीकुंड बैराज से पानी लाने के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसका फायदा सीकर, चूरू और झुंझुनूं को मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान PM मोदी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत खेजड़ी का पौधा भी लगाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बढ़ते रेगिस्तान को रोकने में खेजड़ी का बड़ा महत्व है। देश प्रगति की नई ऊँचाइयों को छूने के साथ पर्यावरण का संरक्षण भी करेगा।

