ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को शनिवार (4 जुलाई) को पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफना (सुपुर्द-ए-खाक) दिया गया। तेहरान में उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। देश में कई दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की गई है।
समारोह में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि खामेनेई के बेटों में से कोई भी वहाँ नजर नहीं आया। नए सुप्रीम लीडर की रेस में आगे चल रहे मोजतबा खामेनेई भी शामिल नहीं हुए। उनकी जगह उनके ससुर गुलाम-अली हद्दाद आदेल ने परिवार का प्रतिनिधित्व किया।
प्रशासन को आशंका थी कि भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच सकती है। इसमें 1500 से 3000 लोगों की मौत का खतरा था। इसी वजह से पूरे तेहरान में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे।
इजरायल की धमकियों के बाद ईरान ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है। सैन्य कमान ने कहा कि किसी भी नई हरकत का करारा जवाब दिया जाएगा। वहीं, नोबेल विजेता शिरीन एबादी ने आरोप लगाया कि सरकार इस दुखद मौके को शक्ति प्रदर्शन का जरिया बना रही है।

