ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के जनाजे को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। जर्मन अखबार डाई वेल्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने एक गोपनीय चेतावनी में आशंका जताई है कि जनाजे के दौरान भारी भीड़, भीषण गर्मी और भगदड़ जैसी स्थिति बनने पर 1500 से 3000 लोगों की मौत हो सकती है।
हजारों नई कब्रें की तैयार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी रेड क्रिसेंट और राष्ट्रीय संकट प्रबंधन संगठन ने सरकार को भेजे एक गोपनीय पत्र में इस संभावित खतरे का जिक्र किया है। इसी को देखते हुए तेहरान प्रशासन ने हजारों नई कब्रें तैयार कर ली हैं और मृतकों व लापता लोगों के लिए एक विशेष यूनिट भी बनाई गई है।
बताया गया है कि खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए लाखों नहीं बल्कि करोड़ों लोगों के पहुँचने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि तेहरान में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। सामने आए कुछ वीडियोज में जनाजे की नमाज के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी नजर आ रही है।
The funeral prayer for the martyred Leader, Ayatollah Seyyed Ali Khamenei, is now being performed over his body, by Ayatollah Jafar Sobhani. pic.twitter.com/NS29I0HDQc
— IRNA News Agency ☫ (@IrnaEnglish) July 5, 2026
भीड़ को काबू करने के लिए 24 घंटे मुफ्त मेट्रो और बस सेवा, हजारों बसों की तैनाती, अस्थायी रसोई, स्कूलों और मस्जिदों में ठहरने की व्यवस्था जैसी तैयारियाँ की गई हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जनाजे पर करोड़ों डॉलर खर्च किए जा रहे हैं। जनाजे की नमाज में शामिल होने के लिए हजारों लोग कतारों में खड़े नजर आए। गर्मी से बचाने के लिए प्रशासन की ओर से लोगों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है।
People stood in rows, awaiting the funeral prayer over the body of Iran's martyred Leader Ayatollah Seyyed Ali Khamenei. pic.twitter.com/jgmnUgQBat
— IRNA News Agency ☫ (@IrnaEnglish) July 5, 2026
ईरान पहले भी बड़े जनाजे में भगदड़ की त्रासदी देख चुका है। 2020 में कासिम सुलेमानी के जनाजे में 56 लोगों की मौत हुई थी जबकि 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के जनाजे में भी कई लोगों की जान गई थी। इसी इतिहास को देखते हुए इस बार प्रशासन सबसे खराब स्थिति के लिए भी तैयारी कर रहा है।

