आगरा के ताजमहल को ‘तेजो महालय’ बताने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने ताजमहल को भगवान शिव को समर्पित ‘तेजो महालय’ होने के 109 हिंदू प्रतीक भी पेश किए हैं। इस याचिका में आगरा की ट्रायल कोर्ट के पुराने आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें तामजहल में हिंदू प्रतीकों की जाँच के लिए सर्वे करने से इनकार कर दिया था।
यह याचिका भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान की ओर से एडवोकेट हरि शंकर जैन और रंजना अग्निहोत्री समेत 5 लोगों ने दायर की है। एडवोकेट हरि शंकर जैन वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू अधिकारों की वकालत करने के लिए जाने जाते हैं।
यह मामला साल 2015 से शुरू हुआ था, जब आगरा के सिविल जज की कोर्ट में एक दीवानी वाद दाखिल किया गया था। इसमें माँग की गई थी कि ताजमहल परिसर असल में तेजो महालय यानी तेजोलिंग महादेव मंदिर है, जहाँ भगवान महादेव नागनाथेश्वर विराजमान हैं। वाद में हिंदुओं को ताजमहल में पूजा करने की भी माँग की गई थी।
इसके बाद दोबारा 2019 में याचिकाकर्ताओं ने अर्जी देते हुए ताजमहल का निरीक्षण कराने और उसकी बनावट की तस्वीरें और वीडियो बनाने के लिए एक एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की माँग की थी। हालाँकि, कोर्ट ने इस माँग को यह कहते हुए खारिज किया कि वादी ताजमहल की पहचान करने वाले रेवेन्यू रिकॉर्ड पेश नहीं कर पाए।

