अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जाँच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब जाँच के दौरान रिकवर की गई सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोग नोटों की गड्डियाँ जेब और जुराब में छिपाते दिखाई दिए हैं। वहीं साइबर फॉरेंसिक जाँच में करीब एक साल पहले डिलीट किया गया मोबाइल डेटा और चैट्स भी वापस हासिल कर ली गई हैं।
शुरुआती जाँच में इन डिजिटल सबूतों से करीब 2 करोड़ रुपए की कथित चोरी से जुड़े अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। अब SIT और पुलिस इन सभी सबूतों को जोड़कर पूरे मामले की परत-दर-परत जाँच कर रही है।
रिकवर हुई CCTV फुटेज से जाँच को मिली नई दिशा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जाँच एजेंसियों ने विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से डिलीट किए गए सीसीटीवी फुटेज को रिकवर किया है। इन फुटेज में कुछ संदिग्ध चढ़ावे की रकम को जेब और जुराब में छिपाते हुए नजर आए हैं। कई वीडियो में चेहरे साफ दिखाई नहीं दे रहे हैं, इसलिए हाई-रिजॉल्यूशन तकनीक की मदद से उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
जाँच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोग जानबूझकर कैमरों के सामने इस तरह खड़े होते थे कि उनका चेहरा रिकॉर्ड न हो। SIT अब यह भी पता लगा रही है कि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था में कहाँ-कहाँ चूक हुई और कहीं यह पूरी घटना किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा तो नहीं थी।
अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा समेत आरोपितों की चैट्स से खुला पैसों के बंटवारे का राज
साइबर सेल ने मुख्य आरोपित अविनाश शुक्ला और अनुकल्प मिश्रा के मोबाइल फोन का डेटा रिकवर कर लिया है। फॉरेंसिक जाँच में करीब एक साल पहले डिलीट की गई चैट्स और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी वापस हासिल किए गए हैं। जाँच में सामने आया कि चोरी की कथित रकम के बंटवारे को लेकर आरोपितों के बीच विवाद हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, फरवरी 2026 में अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा के बीच हिस्सेदारी को लेकर तीखी बहस हुई थी। अब पुलिस इन चैट्स में दर्ज रकम का बैंक खातों में हुए लेनदेन से मिलान कर रही है। जाँच एजेंसियों का मानना है कि यदि दोनों रिकॉर्ड मेल खाते हैं, तो यह मामले का एक अहम सबूत बन सकता है।
अविनाश शुक्ला की कार बरामद, टिन्नू यादव समेत अन्य आरोपितों से भी होगी पूछताछ
जाँच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर वह कार भी बरामद कर ली है, जिसे कथित तौर पर चोरी की रकम से खरीदा गया था और उसके भाई अभिषेक के नाम पर रजिस्टर कराया गया था। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि चोरी की रकम से और किन-किन संपत्तियों की खरीदारी की गई।
इसी के साथ SIT ने मंदिर निर्माण से जुड़ी एजेंसियों और इंजीनियरों से भी पूछताछ की है तथा संबंधित दस्तावेजों की जाँच जारी है। वहीं कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद पुलिस अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, करुणेश पांडे और मनीष यादव से भी जेल में पूछताछ करेगी, ताकि पूरे मामले की कड़ियाँ जोड़ी जा सकें।

