E20 पेट्रोल पर मारुति सुजुकी, हीरो और टोयोटा ने क्या कहा? जानें- कैसे समझाया माइलेज का गणित

भारत में E20 (20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल) को लेकर चल रही बहस के बीच प्रमुख वाहन कंपनियों ने साफ कहा है कि पुराने पेट्रोल वाहनों में इस ईंधन से इंजन खराब होने, जंग लगने या पार्ट्स जल्दी घिसने जैसी आशंकाओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं मिला है।

पेट्रोलियम मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मारुति सुजुकी, टोयोटा, हुंडई, हीरो, टीवीएस और बजाज ऑटो के प्रतिनिधियों ने कहा कि E20 पर लंबे समय तक परीक्षण और वास्तविक उपयोग के आँकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है।

उनका कहना है कि E20 की वजह से पुराने वाहनों में माइलेज लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत तक कम हो सकता है क्योंकि इसकी कैलोरिफिक वैल्यू सामान्य पेट्रोल से थोड़ी कम होती है।

E20 फ्यूल पर क्या कह रही हैं कार कंपनियाँ?

मारुति सुजुकी के कॉर्पोरेट अफेयर्स के अधिकारी राहुल भारती ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने 2.84 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की। इनमें से 1.5 करोड़ से ज्यादा वाहन तीन साल से पुराने थे और E20 प्रमाणित नहीं थे। इसके बावजूद कंपनी को ऐसे वाहनों में E20 के इस्तेमाल से इंजन, फ्यूल सिस्टम, जंग या अतिरिक्त घिसावट जैसी कोई समस्या नहीं मिली।

उन्होंने कहा कि किसी वाहन का माइलेज सिर्फ ईंधन पर नहीं बल्कि टायर प्रेशर, ड्राइविंग स्टाइल, ब्रेकिंग, गियर बदलने के तरीके और नियमित मेंटेनेंस पर भी काफी हद तक निर्भर करता है। वहीं, हीरो मोटोकॉर्प ने भी अपने सर्विस डेटा के आधार पर कहा कि E20 इस्तेमाल करने वाले दोपहिया वाहनों में किसी अतिरिक्त खराबी का कोई प्रमाण नहीं मिला।

E85 केवल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए, E20 रहेगा जारी

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी ने कहा कि E20 को लागू करने का फैसला व्यापक परीक्षण और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जाँच के बाद लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में शुरू किया गया E85 ईंधन केवल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए है और इसे सामान्य पेट्रोल वाहनों में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

उद्योग जगत का मानना है कि भविष्य में फ्लेक्स-फ्यूल वाहन बढ़ने के साथ ईंधन विकल्प और अधिक लचीले होंगे। पूर्व EIL प्रमुख वर्तिका शुक्ला ने कहा कि E20 भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और BS-VI उत्सर्जन मानकों के अनुरूप है तथा अब देशभर के पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल दुनिया के कई देशों में वर्षों से सफलतापूर्वक किया जा रहा है।