‘मैंने मौन धारण किया’: राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफे के बाद चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी, कहा- SIT की फाइनल रिपोर्ट के बाद दूँगा सभी सवालों के जवाब

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे को लेकर चोरी पर छिड़े विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को लगातार निशाना बनाया गया, जिसके बाद उन्हें इस्तीफा तक देना पड़ा। अब आखिरकार चंपत राय ने इस मामले में चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वे SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद सभी बिंदुओं पर जवाब देंगे।

मामले में चंपत राय ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर श्रीरामचरितमानस की चौपाई के साथ एक कागज पर हाथ से लिखा आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा, “मेरे ऊपर अनेकों अनर्गल आरोप लगाए हैं, मैंने मौन धारण कर लिया है।”

चंपत राय ने 06 जुलाई 2026 मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बारे में बताते हुए कहा कि बैठक में SIT की प्राथमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जो अब सार्वजनिक हो चुकी है। यह कहते हुए उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद फैलाए जा रहे हर दावों पर वे क्रम से जवाब देंगे और सभी के सामने सच लाएँगे।

उन्होंने अपने लंबे कार्यकाल के बारे में भी बताया, “मुझें संगठन ने अक्टूबर 1991 में अयोध्या में भेजा। मेरा 45 वर्ष का प्रचारक जीवन रहा, जो कि खुली पुस्तक के समान है।”

क्या है राम मंदिर चढ़ावा विवाद?

दरअसल, अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान के पैसों में अनियमितताओं का शक हुआ। इसको लेकर विपक्षी दलों ने सत्ता पक्ष और मंदिर ट्रस्ट पर आरोप लगाए। इसके बाद योगी सरकार ने जाँच के लिए SIT का गठन किया।

अब पुलिस और SIT की जाँच में 8 लोगों पर आरोप साबित हुए, इनमें मुख्य रूप से ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रह चुके रामशंकर यादव उर्फ टिन्नु यादव का नाम सामने आया। इसके अलावा अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, करुणेश पांडेय को गिरफ्तार किया गया।

चंपत राय के ड्राइवर रह चुके टिन्नू यादव के गिरफ्तार होते ही उन पर भी आरोप लगाए गए, जिसके बाद 06 जुलाई 2026 को ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा ने महासचिव और सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया। अब मामले में SIT की शुरुआती जाँच की रिपोर्ट भी सामने आई है।