ममता बनर्जी ने कार्यकर्ता को जड़ा थप्पड़, वीडियो हुआ वायरल: TMC का ₹400 करोड़ का फंड हुआ फ्रीज

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की मुश्किलें एक साथ दो मोर्चों पर बढ़ती नजर आ रही हैं। एक तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत TMC के तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपए की राशि फ्रीज कर दी है।

वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी का अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह वीडियो बारुईपुर रेप और हत्या मामले के विरोध में निकाली गई रैली के दौरान का बताया जा रहा है।

ED की जाँच में क्या सामने आया?

ED के मुताबिक, कोलकाता और आसपास के इलाकों में केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े पाँच ठिकानों पर छापेमारी की गई। जाँच एजेंसी का आरोप है कि वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी, अवैध तरीके से धन जुटाने और संदिग्ध रकम को TMC के कुछ बैंक खातों के जरिए भेजने का मामला सामने आया है।

जाँच में पता चला है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच TMC के खातों से करीब 160 करोड़ रुपए  केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी दूसरी कंपनी को भेजे गए।

इनमें से 82.96 करोड़ रुपए एक नई संबद्ध कंपनी को ट्रांसफर किए गए, जिनका इस्तेमाल एम्ब्रेयर लेगेसी 600 विमान और अगस्ता 109 ग्रैंड न्यू हेलिकॉप्टर खरीदने में किया गया।

ED का दावा है कि इन दोनों की खरीद पर करीब 112 करोड़ रुपए खर्च हुए और बाद में इन्हें किराये पर TMC को ही उपलब्ध कराया गया। एजेंसी पूरे लेनदेन के वास्तविक लाभार्थी और उद्देश्य की जाँच कर रही है।

रैली में हंगामा, ममता का थप्पड़ वाला वीडियो वायरल

इधर बारुईपुर में एक नाबालिग से रेप और हत्या के विरोध में TMC की छात्र और युवा इकाई ने रैली निकाली थी। इसी दौरान TMC और बीजेपी समर्थकों के बीच टकराव हो गया। पार्टी का आरोप है कि कुछ लोगों ने रैली में घुसकर रास्ता रोका, जिसके बाद नारेबाजी हिंसा में बदल गई। TMC का दावा है कि इस झड़प में उसके 41 कार्यकर्ता घायल हुए।

हंगामे के बीच ममता बनर्जी घायल कार्यकर्ताओं को अस्पताल भेजने के लिए भीड़ हटवा रही थीं। इसी दौरान उनका एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह अपने पीछे खड़े एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारती दिखाई देती हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भीड़ को काबू करने की कोशिश के दौरान हुआ। घटना के बाद ममता बनर्जी ने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कोर्ट से अनुमति मिलने के बावजूद उनकी रैली को बाधित किया गया।