करोड़ों की दौलत और सरकारी नौकरी के लालच में बेटी ने माँ की हत्या करवाई, सुपारी में दिए ₹7 लाख: ताऊ, चचेरे भाई समेत 7 गिरफ्तार, जयपुर का मामला

जयपुर पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में एक सड़क हादसे का ऐसा पर्दाफाश किया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। एक बेटी ने अपनी ही माँ को मरवाने के लिए 7 लाख रुपए की सुपारी स्कॉर्पियो गाड़ी को दी, जिसके बाद गाड़ी ने महिला को कुचल दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपित बेटी, उसके ताऊ और सुपारी किलर्स सहित कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

DCP (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया कि यह पूरा मामला केवल लालच से जुड़ा है। प्रताप नगर इलाके में रहने वाली नीरज शर्मा (45) के पति कोर्ट में एलडीसी थे। एक साल पहले उनके निधन के बाद नीरज को अनुकंपा पर सरकारी नौकरी मिल गई थी। नीरज का एक 16 साल का बेटा भी है जो मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर है।

नीरज की 24 साल की बेटी आयुषी खुद वह नौकरी पाना चाहती थी। जब माँ नौकरी पर लग गई, तो आयुषी नाराज होकर अपने ताऊ के घर रहने चली गई। आयुषी की नजर जयपुर के दो मकानों के अलावा आगरा रोड और भरतपुर की करीब 10 करोड़ रुपए की जमीनों पर भी थी।

ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर बनाई योजना

करोड़ों की दौलत और सरकारी नौकरी के चक्कर में आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर अपनी ही माँ को जान से मारने का प्लान बनाया। आयुषी ने अपने भाई बलराम को लालच दिया कि अगर वह इस काम में मदद करेगा, तो वह उसे भरतपुर और आगरा रोड की करोड़ों की जमीन दे देगी।

इसके बाद ताऊ मोहन स्वरूप ने भरतपुर के एक बदमाश हेमंत शर्मा से संपर्क किया और माँ की हत्या के लिए 7 लाख रुपए की सुपारी तय हुई। साजिशकर्ताओं ने पहले एक थार गाड़ी से नीरज को कुचलने की कोशिश की थी, लेकिन वे नाकाम रहे। इसके बाद नीरज अलर्ट हो गई थीं और उन्होंने घर से निकलना कम कर दिया था।

माँ को घर से बाहर निकालने के लिए बेटी आयुषी ने घर के बाहर नींबू-मिर्च और लाल रंग फेंककर टोने-टोटके करना शुरू कर दिया। डरी हुई माँ ने सुरक्षा के लिए घर में CCTV कैमरे भी लगवा लिए थे। आखिरकार 3 जुलाई को जब नीरज अपने बेटे को लेकर डॉक्टर के पास गईं, तो बेटी ने फोन कर उन्हें किसी जरूरी काम के बहाने वापस घर बुलाया।

130 की स्पीड में आई गाड़ी ने मारी टक्कर

जब नीरज घर लौट रही थीं, तभी वहाँ पहले से रेकी कर रहे बदमाशों ने स्कॉर्पियो चला रहे ड्राइवर को इशारा किया। सफेद रंग की स्कॉर्पियो ने करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सड़क किनारे चल रही नीरज को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नीरज हवा में 100 फीट दूर जाकर गिरीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

वारदात को अंजाम देकर आरोपित गाड़ी छोड़कर बाइक से फरार हो गए। मां की मौत के तुरंत बाद बेटी आयुषी ने अपने मामा राकेश को फोन कर रोने का नाटक किया और कहा कि मम्मी का एक्सीडेंट हो गया है। लेकिन मामा को अपनी भांजी और ससुराल वालों के हाव-भाव पर पहले से ही शक था, क्योंकि नीरज ने पहले भाई को बताया था कि ये लोग उन्हें परेशान करते हैं।

मामा की शिकायत पर जब पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले, तो देखा कि 60 फीट चौड़ी खाली सड़क पर नीरज बिल्कुल किनारे चल रही थीं और गाड़ी ने जानबूझकर उन्हें उड़ाया था। गहराई से जाँच करने पर पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल स्कॉर्पियो भी बरामद कर ली है और फरार आरोपित बलराम की तलाश कर रही है।