24 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार (21 जुलाई) देर रात करीब 11:30 बजे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और PMO राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह उनसे मिलने अस्पताल पहुँचे।
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना और उनसे अपना अनशन समाप्त करने की अपील की। मंत्रियों ने उनसे शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करने और भूख हड़ताल खत्म करने का अनुरोध किया। सरकार के इस कदम को बातचीत की एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद मेदांता में हुए भर्ती
सोनम वांगचुक पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल (वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज) में भर्ती थे। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार (21 जुलाई) शाम करीब 7:30 बजे उन्हें एम्बुलेंस के जरिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल लाया गया। हाई कोर्ट में वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने याचिका दाखिल की थी।
दरअसल, मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने पत्नी की अपील पर यह आदेश दिया। इससे पहले रविवार को कोर्ट ने सरकारी अस्पताल के इलाज में दखल देने से इनकार कर दिया था। लेकिन बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने बाद में उन्हें मेदांता शिफ्ट करने की अनुमति दी।
डॉक्टरों की देखरेख और ICU में इलाज जारी
मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक को ICU 8 में रखा गया है। यहाँ इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ सुशीला कटारिया की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।
लंबे समय से अनशन पर रहने के कारण उनके शरीर में काफी कमजोरी आ गई है। मेदांता के विशेषज्ञ डॉक्टर उन्हें जरूरी मेडिकल केयर दे रहे हैं। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने भी डॉक्टर कटारिया से वांगचुक की सेहत के बारे में पूरी जानकारी ली।
अस्पताल परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सोनम वांगचुक के मेदांता आने की खबर मिलते ही अस्पताल और आसपास के इलाके में सुरक्षा बहुत सख्त कर दी गई है। अस्पताल के मुख्य द्वारों पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
सुरक्षाकर्मी अस्पताल में आने-जाने वाले हर व्यक्ति से पूछताछ कर रहे हैं। बिना पहचान पत्र और गहन जाँच के किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल परिसर में वज्र वाहन भी तैनात किया गया है।
घायल प्रदर्शनकारियों से मिलने अस्पताल पहुँचे थे जेपी नड्डा
सोनम वांगचुक से मिलने से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिन में दिल्ली के दो बड़े अस्पतालों का दौरा किया था। वे राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल और लेडी हार्डिंग अस्पताल पहुँचे थे। वहाँ उन्होंने सोमवार को जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए आंदोलनकारियों का हालचाल लिया। मंत्री ने घायल प्रदर्शनकारियों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया और डॉक्टरों को उचित निर्देश दिए।

