बांग्लादेश में हिंदुओं को मारने की बड़ी साजिश, ढाका की जगन्नाथ यात्रा के रास्ते में छिपाकर रखा गया IED

बांग्लादेश में एक बार फिर हिंदू आस्था पर चोट पहुँचाने की कोशिश की गई है। ढाका में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान एक छाता में छिपाकर रखा गया आईईडी बरामद किया गया है।

इस बेहद खौफनाक और हैरान कर देने वाली साजिश का खुलासा तब हुआ जब एक राहगीर ने उस छाते को उठाया। इस छाते में गुप्त तरीके से बैटरी और करेंट सर्किट लगाया गया था। छाते के पाइप में विस्फोट रखा गया था, साथ ही छोटे छोटे लोहे के कांटी भरे बॉल लगे थे।

जैसे ही छाते को खोलने के लिए कोई बटन दबाता, तो इसमें विस्फोट हो जाता। हालाँकि राहगीर के पहले देख लेने और पुलिस तक जानकारी पहुँच जाने से इसे वक्त रहते निस्क्रिय कर दिया गया। इस दौरान एक व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है।

शुक्रवार (24 जुलाई 2026) देर रात ये घटना ढाका के मोतीझील मेट्रो स्टेशन के पास घटी। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

घटना के बाद जगन्नाथ यात्रा की सुरक्षा सवालों के घेरे में आ गई है। कई तरह की धमकियाँ मिलने की खबरें भी आती रही है। उम्मीद की जा रही है कि पुलिस इससे जुड़े लोगों की तलाश करेगी।

द डेली स्टार के मुताबिक, बम निरोधक दस्ते ने बताया है कि आईईडी से एक बैटरी और तार लगे हुए थे। छाते के पाइप के अंदर 1-1.5 किलो सल्फर भरा हुआ था। साथ ही कई लोहे की बॉल लगी हुई थी। इसका मकसद अधिक से अधिक लोगों को नुकसान पहुँचाना था।

जगन्नाथ यात्रा बांग्लादेश के हिन्दुओं का सबसे भव्य कार्यक्रम है, जिसमें हजारों हिन्दू शामिल होते हैं। ये घटना रथ यात्रा और हिन्दू समुदाय को निशाना बनाने की साजिश थी।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय खासकर हिन्दुओं पर हमले लगातार हुए हैं। 2026 में भी मंदिरों को तोड़े जाने, हिन्दुओं की जमीन हड़पने, उनकी हत्या करने और हिन्दू लड़कियों के साथ रेप जैसी खबरें आती रही हैं। बीएनपी सरकार के सत्ता में आने के बाद भी 17 फरवरी से 30 अप्रैल के बीच 111 घटनाएँ उजागर हुई हैं। इसमें 24 हत्याएँ और 16 भूमि हड़पने के मामले शामिल हैं।