आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और YSRCP के वरिष्ठ नेता जोगी रमेश और उनके परिवार के लिए एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। उनकी बहू मेघना ने अपने ससुर, पति जोगी राजीव और परिवार के करीब 10 अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई है।
यह शिकायत शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को NTR जिले के इब्राहिमपटनम पुलिस थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने मेघना की करीब 24 पन्नों की विस्तृत शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है और अब इसकी गहराई से जाँच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने इस मामले में जोगी रमेश, उनकी पत्नी शकुंतला और बेटे राजीव समेत कुल 11 लोगों के नाम दर्ज किए हैं। इनमें जोगी रमेश के भाई रामू और उनके बेटे पांडु व राकेश भी शामिल हैं। यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 318 और 109 के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत दर्ज किया गया है। ये धाराएँ घरेलू क्रूरता, दहेज उत्पीड़न और धोखाधड़ी से जुड़ी हैं।
मेघना ने शिकायत में क्या आरोप लगाए?
मेघना की शादी जोगी रमेश के बेटे राजीव से हुई थी। पुलिस को दी अपनी शिकायत में मेघना ने कहा है कि उनकी शादी बाहर से देखने में जितनी सामान्य लगती थी, असल में हकीकत उतनी सुखद नहीं थी। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल में उनके साथ बुरा बर्ताव शुरू हो गया।
मेघना का आरोप है कि उन्हें बार-बार अतिरिक्त दहेज की माँग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उनका कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर उन्हें गालियाँ दी जाती थीं और कई बार मारपीट भी हुई। मेघना के अनुसार, घर के बाकी सदस्यों को भी इस प्रताड़ना की जानकारी थी और वे इसमें किसी न किसी रूप में साथ देते थे।
बुजुर्गों की मौजूदगी में सुलह की कई कोशिशों के बावजूद, मेघना के मुताबिक, प्रताड़ना कम होने की बजाय और बढ़ती गई। आखिरकार अपनी जान को खतरा महसूस होने पर उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
ईसाई पहचान छिपाने का गंभीर आरोप
शिकायत में मेघना ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, शादी तय होते समय जोगी रमेश के परिवार ने खुद को हिंदू परिवार बताया था और शादी भी हिंदू रीति-रिवाजों से ही हुई थी। लेकिन ससुराल पहुँचने के बाद धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि असल में परिवार ईसाई है। मेघना का कहना है कि यह जानकारी जानबूझकर उनसे छिपाई गई, जो उनके साथ एक बड़ा धोखा था।
शिकायत में मेघना ने एक घटना का भी जिक्र किया है। उनका कहना है कि एक बार जब वह घर में पूजा कर रही थीं और भगवान के सामने अगरबत्ती जलाई तो ससुराल वाले नाराज हो गए और अगरबत्ती की खुशबू का मजाक उड़ाया और उसकी तुलना लाश से आने वाली दुर्गंध से की। मेघना के मुताबिक, इसका विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया गया औऱ सख्त हिदायत दी गई कि घर की बातें या धर्म से जुड़ा सच वह अपने मायके वालों को न बताएँ। उनका आरोप है कि चुप न रहने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला संवेदनशील है क्योंकि इसमें एक प्रमुख राजनीतिक परिवार शामिल है। जाँच अधिकारियों ने मेघना का बयान दर्ज कर लिया है औऱ अब आरोपित परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए औपचारिक नोटिस भेजे जाने की उम्मीद है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जाँच होगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

