लंदन में SFI यूके द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में ग्रेटा थनबर्ग ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व वाले प्रदर्शन का समर्थन किया है। खुद को जलवायु कार्यकर्ता बताने वाली ग्रेटा थनबर्ग इससे पहले किसान आंदोलन की टूलकिट को लेकर भी चर्चा में रही थीं।
कार्यक्रम में बोलते हुए ग्रेटा थनबर्ग ने कहा कि भारत में छात्रों के प्रदर्शन ने पूरी दुनिया के लोगों को गर्व महसूस कराया है। उन्होंने आगे कहा कि इन प्रदर्शनों ने यह साबित कर दिया है कि जब आम लोग मिलकर विरोध करते हैं, तो बड़ी चीजें हासिल की जा सकती हैं।
SFI-UK’s victory gathering is in full swing at Trafalgar Square! We send our salutes to @GretaThunberg, who showed up in solidarity with the Indian student movement at the London protest today. The student movement has given global activists hope about the power of the people ✊ pic.twitter.com/nvtsYqEI2R
— Students' Federation of India – United Kingdom (@sfi_uk) July 26, 2026
उन्होंने कहा, “ये प्रदर्शन लोगों की ताकत का सही अर्थ बताते हैं। न्याय के लिए भारतीय छात्रों का संघर्ष और लोकतंत्र व आजादी के लिए व्यापक लड़ाई हमारी भी लड़ाई है।” इसके साथ ही उन्होंने समर्थकों से ‘भारत के साथ एकजुट होकर खड़े होने’ की अपील की।
सप्ताह के अंत में में आयोजित इस कार्यक्रम को SFI UK ने आंदोलन की ‘जीत का जश्न’ बताया। संगठन ने दावा किया कि इस आंदोलन के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। SFI UK ने यह भी आरोप लगाया कि NEET मामले को संभालने के दौरान 21 छात्रों की जान गई और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने ‘क्रूर दमन’ किया।
हालाँकि कार्यक्रम में उन घटनाओं का कोई उल्लेख नहीं किया गया, जिनमें छात्र प्रदर्शनकारियों के रूप में मौजूद उपद्रवियों पर पथराव करने, पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों के साथ धक्का-मुक्की और हमले करने के आरोप लगे थे।
SFI-UK extends its congratulations for the victory in securing the resignation of Dharmendra Pradhan. We applaud students who stood in solidarity at Trafalgar Square today, and in cities across the UK since the movement began. The fight for free and fair education has no borders. pic.twitter.com/IZtQfwPlXS
— Students' Federation of India – United Kingdom (@sfi_uk) July 26, 2026
इससे पहले SFI ने अपने एक बयान में कहा था कि ‘लड़ाई जारी रहेगी’, जिससे भविष्य में भी ऐसे प्रदर्शन होने के संकेत मिले थे।
Press Release (25/07/2026): We fought, we won. The struggle will continue beyond Pradhan’s resignation. pic.twitter.com/jaQ3fujhtV
— SFI (@SFI_CEC) July 25, 2026
यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ, जब CJP ने शनिवार (25 जुलाई 2026) को अपना 36 दिन लंबा आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया था। संगठन ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने उसकी बची हुई माँगें भी मान ली हैं। इनमें NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले बताए गए छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने जैसी माँगें शामिल थीं।
लंदन में आयोजित यह कार्यक्रम SFI UK की ओर से इस आंदोलन के समर्थन में किया गया पहला प्रयास नहीं था। इससे पहले Opindia ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि SFI UK की विभिन्न इकाइयों ने लंदन, लीड्स और एडिनबर्ग में पहले से तय कार्यक्रमों के जरिए समर्थकों को जुटाया था।
संगठन ने प्रदर्शन के स्थान और समय पहले ही तय किए, पोस्टर जारी किए और अपने नेटवर्क के माध्यम से इन कार्यक्रमों का समन्वय किया। हालाँकि कुछ मीडिया संस्थानों, जिनमें The Wire भी शामिल है, ने लंदन में हुए इस कार्यक्रम को भारतीय प्रवासी समुदाय की स्वतःस्फूर्त प्रतिक्रिया के रूप में पेश करने की कोशिश की।
गौरतलब है कि ग्रेटा थनबर्ग इससे पहले 2021 के किसान आंदोलन के दौरान भी भारत के राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनी थीं। उस समय उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ऑनलाइन ‘टूलकिट’ साझा की थी, जिसका उद्देश्य किसान आंदोलन के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान को समन्वित करना बताया गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उस टूलकिट के तैयार करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, हालाँकि उस FIR में ग्रेटा थनबर्ग का नाम शामिल नहीं था।

